
चतरा : चतरा जिले से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गिद्धौर प्रखंड के पांडे टोला में एक परिवार ने अपनी जिंदा बेटी का अंतिम संस्कार और पिंडदान कर दिया। मामला प्रेम विवाह से जुड़ा है, जिससे नाराज होकर परिजनों ने अपनी बेटी से हमेशा-हमेशा के लिए सारे सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते खत्म कर लिए हैं।
अंतरजातीय विवाह से बढ़ी नाराजगी
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, पांडे टोला निवासी अशोक पांडे की बेटी संध्या कुमारी ने अपने परिवार की मर्जी के खिलाफ जाकर गांव के ही विवेक कुमार से प्रेम विवाह कर लिया। चूंकि दोनों अलग-अलग जाति के हैं, इसलिए लड़की के घरवाले इस शादी के सख्त खिलाफ थे। बेटी के इस कदम से परिवार वाले इस कदर आहत हुए कि उन्होंने उसे अपने परिवार से बेदखल करने के लिए एक अजीब और कड़ा रास्ता चुना।
श्मशान घाट पर निभाई गईं अंतिम संस्कार की रस्में
शुक्रवार को लड़की के परिजन उसकी एक तस्वीर और पुतला लेकर श्मशान घाट पहुंचे। वहां हिंदू रीति-रिवाज के मुताबिक बकायदा पुतले का अंतिम संस्कार किया और पिंडदान की सभी रस्में पूरी कीं। परिजनों का कहना है कि जिस तरह किसी इंसान की मौत के बाद श्राद्ध कर्म किया जाता है, ठीक वैसे ही उन्होंने अपनी बेटी के लिए यह कर्मकांड किया है। अब उनके लिए वह मर चुकी है। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान ब्राह्मण समाज के जिलाध्यक्ष, परिवार के लोग, रिश्तेदार और कई ग्रामीण भी वहां मौजूद थे।
परिजनों ने कहा- सम्मान को ठेस पहुंचाई
लड़की के घरवालों का साफ कहना है कि बेटी के इस फैसले ने समाज में उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई है और उनकी भावनाओं को गहरा जख्म दिया है। इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया है और अब भविष्य में उनका उस लड़की से कोई लेना-देना नहीं रहेगा। दूसरी तरफ, शादी करने वाले प्रेमी जोड़े की ओर से अभी तक इस पूरे मामले पर कोई बयान सामने नहीं आया है। इलाके में यह घटना हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है।

