RANCHI: वैसे तो रांची अलग-अलग खबरों को लेकर चर्चा में रहता है। कभी घटना-दुर्घटना तो कभी अपराध के कारण। कभी उपलब्धियां भी राजधानी के नाम होती है। अब राजधानी रांची में मानवता और सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां मुक्ति संस्था लावारिस शवों को मुक्ति दिलाने का काम कर रही है। इतना ही नहीं अब तक कुल 2153 अज्ञात शवों का पूरे विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कर समाज में संवेदनशीलता की मिसाल कायम की है। रविवार को संस्था की ओर 24 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार जुमार नदी के तट पर किया गया।
एक्टिव है संस्था के सदस्य
मुक्ति संस्था के सदस्यों ने रिम्स के शव गृह से इन शवों को पूरी सावधानी के साथ बाहर निकाला और उन्हें जुमार नदी तट तक पहुंचाया। वहां सभी धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करते हुए अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। इस दौरान वातावरण बेहद भावुक रहा। संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने सभी 24 शवों को मुखाग्नि दी।
दी जा रही सम्मानजनक विदाई
उन्होंने बताया कि मुक्ति संस्था पिछले कई वर्षों से इस सेवा कार्य में जुटी हुई है और अब तक 2153 अज्ञात शवों को सम्मानजनक विदाई दे चुकी है। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानवता के प्रति समर्पण है। अंतिम संस्कार के बाद परमजीत सिंह टिंकू द्वारा अरदास की गई, जिसमें सभी दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। पूरे आयोजन में संस्था के सदस्यों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और हर चरण को पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा किया।
इनकी रही मौजूदगी
इस मौके पर रवि अग्रवाल, संजय गोयल, राहुल जायसवाल, विजय धानुका, सौरभ बथवाल, पंकज खिरवाल, निर्मल मोदी, सुमित अग्रवाल, वीरेंद्र गुप्ता, आदित्य शर्मा, आशीष भाटिया, गौरीशंकर शर्मा, राहुल चौधरी, अरुण कुतरियार, संजय सिंह, नवीन मित्तल, उज्जवल जैन, राजा गोयनका, अमित अग्रवाल, गोपाल गाड़ोदिया समेत अन्य मौजूद रहे।
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