
RANCHI: हरमू स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में रविवार को प्रेस कांफ्रेंस में केंद्रीय मंत्री और असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे पर विपक्ष ने राजनीतिक पाप किया है, जिसकी सजा उसे जनता और विशेषकर महिलाओं के बीच भुगतनी होगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति हमेशा परिवारवाद तक सीमित रही है और उनके लिए महिलाओं का मतलब केवल इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी तक ही सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर षड्यंत्र रचा और महिलाओं के अधिकारों का अपमान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, लखपति दीदी जैसी योजनाओं को महिला सशक्तिकरण का बड़ा उदाहरण बताया। झारखंड सरकार पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और सरकार उन्हें रोकने में विफल रही है। सोनोवाल ने दावा किया कि एनडीए सरकार ने हमेशा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता दी है।
बिहार के जमुई की विधायक और पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि विपक्ष ने महिलाओं को केवल नारों तक सीमित रखा है और उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के संवैधानिक प्रयासों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि बिल नहीं गिरा, बल्कि पूरा इंडी गठबंधन महिलाओं की नजर में गिर गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए विशेष सत्र बुलाया, लेकिन विपक्ष ने वोटिंग से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ विपक्ष की दोहरी राजनीति बताया।

