लातेहार : झारखंड के लातेहार जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक गंभीर घटना सामने आई है। छिपादोहर वन क्षेत्र के मोरवाई जंगल में जंगली भैंसा के हमले से दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान सिलमानिया देवी (65) और शांति कुँवर (50) के रूप में हुई है, जो मोरवाई गांव की निवासी थीं।
यह घटना उस समय हुई जब दोनों महिलाएं अन्य ग्रामीण महिलाओं के साथ जंगल में महुआ चुनने गई थीं। अचानक जंगली भैंसों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है।
जंगल में अचानक हुआ हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को महिलाएं रोजमर्रा की तरह महुआ संग्रह के लिए जंगल में गई थीं। इसी दौरान जंगली भैंसों का झुंड अचानक उनके सामने आ गया और हमला कर दिया। जान बचाने के लिए महिलाएं इधर-उधर भागने लगीं, लेकिन सिलमानिया देवी और शांति कुँवर भैंसों की चपेट में आ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जंगली भैंसों ने दोनों महिलाओं को पटक-पटक कर मार डाला। घटना के बाद अन्य महिलाएं किसी तरह अपनी जान बचाकर गांव लौट आईं।
देर रात तक नहीं लौटीं, सुबह मिला शव
घटना के बाद जब दोनों महिलाएं देर शाम तक घर नहीं लौटीं, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई। परिजनों और ग्रामीणों ने रात में ही उनकी तलाश शुरू की, लेकिन अंधेरा होने के कारण कोई सफलता नहीं मिली। मंगलवार सुबह दोबारा ग्रामीणों ने जंगल में खोजबीन की, जहां दोनों महिलाओं के शव बरामद हुए। इसके बाद तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई।
वन विभाग की कार्रवाई: मुआवजा और जांच शुरू
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेस्टर रजनीश कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। वन विभाग ने तत्काल राहत के तौर पर मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। शेष मुआवजा राशि आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दी जाएगी।
ग्रामीणों के लिए चेतावनी
इस घटना के बाद वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे घने जंगलों में अकेले या समूह में जाने से बचें, विशेषकर ऐसे क्षेत्रों में जहां जंगली जानवरों की गतिविधि अधिक है।

