चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर रेल मंडल भले ही ट्रेनों को लेट चलाने के मामले में देशभर में बदनाम हो। लेकिन यहां का रेलवे अस्पताल आमजनों को बेहतर स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवा देने के मामले में खूब नाम कमा रहा है। आयुष्मान योजना से हर साल हजारों गरीबों का मुफ्त में इलाज कर यह अस्पताल पहले ही देशभर में नंबर वन है। अब इस अस्पताल में लगातार विकास की नई गाथा लिखी जा रही है। अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए नए नए उपकरण और संसाधन लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में चक्रधरपुर के रेलवे अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर का पिछले दिनों रेल जीएम ने उद्घाटन किया था।
अब ख़ुशी की बात यह है कि अब इस अपस्ताल में इस मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर के कारण नाक कान और गले की समस्या यानि ईएनटी से जुड़े विभिन्न रोगों के निदान के लिए ऑपरेशन भी शुरू हो चुका है।
मंगलवार को चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल के मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर की मदद से बंडामुंडा के एक मरीज के कान का सफल ऑपरेशन किया गया है। इस ऑपरेशन को मेडिकल की भाषा में एंडोस्कोपी टिम्पेनोप्लास्टी सर्जरी कहा जाता है।
बताया गया कि इस तरह का ऑपरेशन सुविधा चक्रधरपुर और आसपास मिलना मुश्किल है, और जहाँ है भी तो वहां खर्च भी ज्यादा है। इसकी जानकारी चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल के सीएमएस डॉ एसके मिश्रा और ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ रीति ईशा ने दी है।
उन्होंने बताया है कि इस ऑपरेशन को सफल करने के लिए कोलकाता गार्डनरीच दक्षिण पूर्व रेलवे के मुख्य अस्पताल के ईएनटी चीफ डॉ केपी वर्मा मुख्य रूप से चक्रधरपुर आये थे। डॉ केपी वर्मा और डॉ रीति ईशा ने संयुक्त रूप से इस ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया। मरीज अभी चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में चिकित्सकों के ऑब्जर्वेशन में है। मरीज ने बताया है कि उन्हें जो तकलीफ थी वह अब खत्म हो गयी है। डॉ रीति ईशा ने बताया कि बंडामुंडा निवासी एक महिला मरीज को कान के परदे में छेद होने के कारण कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। महिला मरीज को लगातार चक्कर आते थे, कान से पानी निकलने की शिकायत थी और कान से सुनाई भी नहीं देता था।इस गंभीर समस्या को सुनने के बाद महिला मरीज को चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी पूरी जांच की गई। इसके बाद उसके कान के ऑपरेशन का फैसला किया गया।
गार्डन रीच रेलवे अस्पताल से आए थे विशेषज्ञ डॉक्टर
दक्षिण पूर्व रेलवे कोलकाता गार्डनरीच सेन्ट्रल रेलवे हॉस्पिटल के ईएनटी चीफ और चक्रधरपुर की ईएनटी स्पेशलिस्ट डॉ रीति ईशा ने मरीज के कान की एंडोस्कोपी टिम्पेनोप्लास्टी ऑपरेशन किया। इस ऑपरेशन के बाद मरीज को काफी राहत मिली। कान के परदे में छेद के कारण जिन समस्याओं से मरीज जूझ रही थी सभी समस्याएं दूर हो गई हैं। फिलहाल मरीज को रेलवे अस्पताल में ही डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। इस सफल ऑपरेशन के बाद चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल के सीएमएस डॉ एसके मिश्रा काफी खुश हैं और अपने चिकित्सा टीम पर गर्व कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि केवल रेलवे ही नहीं बल्कि पश्चिम सिंहभूम जिले के हर आम नागरिक को भी बेहतर और सरकारी योजना के तहत किफायती चिकित्सा देने के लिए चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल प्रतिबद्ध है।
रेलवे अस्पताल में करा सकते हैं ईएनटी का इलाज
इसी उद्देश्य को लेकर चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल का विकास किया जा रहा है और मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा दी जा रही है। डॉ एसके मिश्रा ने कहा है कि आयुष्मान से भी अगर कोई मरीज ईएनटी का ईलाज कराना चाहते हैं तो चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल का द्वार उनके लिए भी खुला हुआ है। बता दें की चक्रधरपुर रेलवे अस्पताल में डॉ एसके मिश्रा के योगदान देने के बाद रेलवे अस्पताल ने लोगों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के मामले में काफी प्रगति की है। अस्पताल में चिकित्सा से जुड़े नए उपकरण लगाये गए हैं। व्यवस्था का आधुनिकीकरण किया गया है। जिसका पूरा फायदा रेलकर्मी के अलावा चक्रधरपुर और आसपास रहने वाले गरीब से लेकर मध्यमवर्ग के आम लोगों को भी मिल रहा है।
आने वाले दिनों में अस्पताल में ब्लड बैंक की भी शुरुआत डॉ एसके मिश्रा के कठिन तपस्या के बाद होने वाली है। कुल मिलाकर कहा जाए तो चक्रधरपुर का रेलवे अस्पताल अब चक्रधरपुर सहित पूरे पश्चिमी सिंहभूम जिले के गरीब और मध्यम वर्गीय आम लोगों के लिए संजीवनी बनी हुआ है। जहाँ आयुष्मान से भी इलाज संभव हो जाता है और एक आम इंसान की जेब से लाखों का खर्च तक बच जाता है।

