धनबाद : झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत मुनिडीह कोल वाशरी में शनिवार को चार श्रमिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद रविवार को प्रबंधन, मृतकों के आश्रितों और ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।
समझौते के तहत प्रत्येक मृत श्रमिक के पात्र आश्रित को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। इसके तहत 10 दिनों के अंदर 10 लाख रुपये की पहली किस्त और उसके बाद 20 दिनों में 10 लाख रुपये की दूसरी किस्त दी जाएगी। इस तरह हर परिवार को कुल 20 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। दूसरी किस्त की राशि बीसीसीएल के ठेकेदार से वसूली जाएगी, जो दुर्घटना का प्राथमिक रूप से जिम्मेदार है।
अंतिम संस्कार के लिए प्रत्येक मृतक के परिजन को 75 हजार रुपये दिए जाएंगे। हर परिवार से एक पात्र आश्रित को मुनिडीह परियोजना की आउटसोर्सिंग में एचपीसी वेतन पर संविदा के तहत नौकरी, चिकित्सा सुविधा और बीसीसीएल मानकों के अनुसार अन्य सुविधाएं मिलेंगी। मृतकों के बच्चों को डेएवी स्कूल में प्रवेश के लिए भी सहायता दी जाएगी। तय हुआ कि हादसे की जांच के लिए स्वतंत्र सक्षम टीम गठित होगी। टीम तथ्यों की जांच कर जिम्मेदारी तय करेगी और सुरक्षा प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए एसओपी बनाएगी।
समझौते पर प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक डब्ल्यूजे एरिया, परियोजना पदाधिकारी, प्रबंधक (सीपी), उप प्रबंधक (सीपी), उप प्रबंधक (एचआर) मुनिडीह कोल वाशरी ने हस्ताक्षर किए। आश्रितों और ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
मालूम हो कि शनिवार शाम पांच बजे मुनिडीह कोल वाशरी के लोडिंग प्वाइंट पर 43 फीट की ऊंचाई से कोयला स्लरी का करीब 5 टन वजनी मलबा गिर गया था। मलबे में दबकर चार श्रमिकों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद सुरक्षा मानकों की अनदेखी और सूचना देने में देरी को लेकर मुख्यालय ने गंभीरता दिखाई थी।

