Jamshedpur : शहर की जीवनरेखा कही जाने वाली स्वर्णरेखा नदी एक बार फिर गंभीर पर्यावरणीय संकट के संकेत दे रही है। रविवार तड़के डोबो पुल के नीचे नदी में हजारों की संख्या में मरी हुई मछलियां पाई गईं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
सुबह करीब तीन बजे मछुआरे जब मछली पकड़ने नदी में पहुंचे तो उन्हें बिना जाल डाले ही मछलियां हाथ लगने लगीं, लेकिन सभी मछलियां मृत थीं। यह खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे और मृत मछलियां अपने साथ ले गए। घटना की सूचना मिलने पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में मछलियों की मौत एक गंभीर पर्यावरणीय खतरे की ओर इशारा करती है।
स्थानीय लोगों से बातचीत के बाद उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर मछलियां मरी मिली हैं, उसके पास से सोनारी क्षेत्र की ओर से आने वाला एक सीवेज नाला गुजरता है। कुछ साल पहले यहां जल शोधन के लिए बनाए गए कुंड अब बेकार हो चुके हैं और गंदगी का स्रोत बन गए हैं। इनसे निकलने वाला दूषित पानी सीधे नदी में मिल रहा है। सरयू राय ने आशंका जताई कि सीवेज के साथ कोई जहरीला पदार्थ भी नदी में बहाया जा रहा है, जिससे मछलियों की मौत हो रही है। नदी में फैली जलकुंभी भी बढ़ते प्रदूषण का संकेत दे रही है।
उन्होंने चेतावनी दी कि नदी का प्रदूषित पानी न केवल जलीय जीवों के लिए बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है। लोग इसी पानी का इस्तेमाल नहाने और अन्य कामों में कर रहे हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। विधायक ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टाटा स्टील और नगर निकाय से मामले की गंभीर जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

