Jamshedpur : जमशेदपुर में खेले गए मुकाबले में जमशेदपुर एफसी से 2-0 की हार के बाद एफसी गोवा के मुख्य कोच मनोलो मार्केज विवादों में घिर गए हैं। मैच के दौरान रेफरी के फैसलों पर नाराजगी जाहिर करना और लीग प्रबंधन पर सवाल उठाना उन्हें भारी पड़ गया। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआइएफएफ) की अनुशासन समिति ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए एक मैच का प्रतिबंध और 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
रेफरी के फैसलों पर जताई थी नाराजगी
जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए इस मुकाबले में जमशेदपुर एफसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एफसी गोआ को 2-0 से हरा दिया। हार के बाद कोच मनोलो मार्केज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेफरी के फैसलों को पक्षपाती बताया और इंडियन सुपर लीग के आयोजन पर भी तीखी टिप्पणी की।
AIFF ने माना खेल भावना के खिलाफ
एआईएफएफ की अनुशासन समिति ने माना कि कोच का व्यवहार खेल की गरिमा के अनुरूप नहीं था। समिति के अनुसार सार्वजनिक रूप से रेफरी और लीग प्रबंधन पर आक्रामक टिप्पणी करना पेशेवर फुटबॉल के मानकों के खिलाफ है। इसी वजह से उन पर आर्थिक दंड के साथ एक मैच का प्रतिबंध लगाया गया।
अगले मुकाबले में नहीं रहेंगे डगआउट में
सजा के बाद अब मनोलो मार्केज मोहन बागान के खिलाफ होने वाले अगले अहम मुकाबले में टीम के साथ डगआउट में मौजूद नहीं रह सकेंगे। उनकी गैरमौजूदगी में सहायक कोच गौरामांगी सिंह टीम की जिम्मेदारी संभालेंगे।
जमशेदपुर एफसी की जीत से बढ़ा दबाव
इस जीत से जमशेदपुर एफसी का मनोबल बढ़ा है और टीम की स्थिति मजबूत हुई है। वहीं दूसरी ओर एफसी गोवा के खेमे में कोच पर हुई कार्रवाई के बाद हलचल तेज हो गई है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि हार के बाद अधिकारियों पर गुस्सा निकालना पेशेवर खेल भावना के खिलाफ माना जाता है।

