Ranchi News : रांची नगर निगम ने तकनीक आधारित शहरी प्रशासन की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारत सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) द्वारा संचालित स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट 2025-26 योजना के तहत शहरी सुधारों के लिए झारखंड राज्य को पांच करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।
यह राशि रांची नगर निगम की जीआईएस आधारित एसेट मैपिंग परियोजना के सफल क्रियान्वयन के कारण मिली है।अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने बताया कि नगर निगम लगातार तकनीक आधारित प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है। जीआईएस आधारित एसेट मैपिंग से नगर निगम की परिसंपत्तियों का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन संभव होगा।
इससे भविष्य की विकास योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने में सहायता मिलेगी।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना के तहत शहर की सरकारी परिसंपत्तियों और सार्वजनिक स्थलों का विस्तृत डिजिटल डेटा तैयार किया गया है। इसमें निगम भवन, बाजार, कार्यालय, बस टर्मिनल, सामुदायिक भवन, पार्क और अन्य शहरी संपत्तियों को जीआईएस प्लेटफॉर्म पर डिजिटल रूप से चिन्हित और मैप किया गया है।
यह कार्य झारखंड एप्लीकेशन सेंटर (जेएसएसी) के तकनीकी सहयोग से पूरा किया गया।भारत सरकार द्वारा किए गए मूल्यांकन में रांची नगर निगम की इस पहल को अर्बन गवर्नेंस रिफॉर्म के तहत सराहा गया। इसी आधार पर झारखंड को पांच करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि के लिए पात्र माना गया। यह राशि नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार को प्राप्त होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि जीआईएस आधारित एसेट मैपिंग शहरी प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाएगी। इससे निगम को अपनी परिसंपत्तियों की वास्तविक स्थिति, उपयोगिता और रखरखाव से जुड़ी जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। साथ ही राजस्व संग्रहण, अवैध अतिक्रमण की पहचान और शहरी विकास परियोजनाओं की निगरानी में भी आसानी होगी। आने वाले समय में यह डेटा स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और डिजिटल गवर्नेंस के लिए भी काफी उपयोगी साबित होगा।

