Chaibasa : 12 गांव के मुंडा मानकी संघ के बैनर तले एवं झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के नेतृत्व में सोमवार सुबह 4 बजे से गुवा सेल खदान क्षेत्र में अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन शुरू कर दिया गया, जिससे उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया। आंदोलन के कारण खदान क्षेत्र, क्रशर प्लांट तथा प्रथम एवं द्वितीय पाली का कार्य बाधित रहा।
आंदोलन स्थल पर दोपहर में पहुंचे मधु कोड़ा
दोपहर करीब 12 बजे मधु कोड़ा आंदोलन स्थल पहुंचे, जिसके बाद आंदोलनकारियों और सेल प्रबंधन के बीच तीन दौर की वार्ता हुई। हालांकि सभी दौर की बातचीत बेनतीजा रही। वार्ता में मुंडा-मानकी प्रतिनिधि 500 स्थानीय युवकों को ठेका मजदूर के रूप में तत्काल रोजगार देने की मांग पर अड़े रहे, जबकि सेल प्रबंधन द्वारा सीमित संख्या में रोजगार देने का प्रस्ताव रखा गया। इससे नाराज आंदोलनकारियों ने वार्ता का बहिष्कार कर आंदोलन जारी रखने की घोषणा कर दी। वार्ता विफल होने के बाद आंदोलन और तेज हो गया। हजारों ग्रामीण, मजदूर तथा स्थानीय मुंडा-मानकी प्रतिनिधि सड़क पर डटे रहे।
72 मजदूरों को पुनः काम पर रखने की मांग
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार, हटाए गए 72 मजदूरों को पुनः काम पर रखना तथा प्रभावित ग्रामीणों को उनका अधिकार देना शामिल है। ग्रामीणों का आरोप है कि सेल प्रबंधन द्वारा पूर्व में कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि 20 अप्रैल 2026 को हुए चक्का जाम आंदोलन को प्रशासन और सेल प्रबंधन के आश्वासन पर स्थगित किया गया था, लेकिन 5 मई 2026 को हुई वार्ता भी निष्फल रही।
मधु कोड़ा ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग पूरी तरह जायज है और जब तक रोजगार सहित प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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