चतरा : जिले में अवैध अफीम की खेती पर रोक लगाने के लिए प्रशासन अब तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन पोर्टल (एनसीओआरडी) की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें अफीम की अवैध खेती और नशे के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि चतरा को नशामुक्त और अफीम मुक्त बनाने के लिए केवल खेती नष्ट करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि इसके पूरे नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध अफीम की खेती, तस्करी या इससे जुड़े किसी भी कार्य में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
सभी अंचलों में उपलब्ध कराएं ड्रोन
प्रशासन अब ड्रोन तकनीक का उपयोग कर अवैध खेती की निगरानी करेगा। उपायुक्त ने सभी अंचलों में ड्रोन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने को कहा, ताकि थाना स्तर पर नियमित रूप से संदिग्ध क्षेत्रों की निगरानी की जा सके। ड्रोन की मदद से जंगलों और दुर्गम इलाकों में हो रही अफीम की खेती की पहचान आसानी से की जा सकेगी।

इसके साथ ही आम लोगों से सहयोग लेने के लिए एक विशेष संपर्क नंबर जारी करने का भी निर्देश दिया गया। इस नंबर पर लोग गुप्त रूप से अफीम की खेती या नशे के कारोबार से जुड़ी जानकारी प्रशासन तक पहुंचा सकेंगे। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा।
युवाओं को नशा से बचाव के लिए चलेगा जागरूकता अभियान
बैठक में युवाओं और विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया। स्कूलों और कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित करने, एंटी नारकोटिक क्लब बनाने तथा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू और मादक पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी समेत प्रशासन और वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे।

