Ranchi : राज्य में बढ़ते ऊर्जा संकट को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला लिया है। हाई कोर्ट ने राज्य की सभी जिला अदालतों और सिविल कोर्ट को तत्काल प्रभाव से हाइब्रिड मोड में संचालित करने का निर्देश दिया है। अब अदालतों में भौतिक उपस्थिति के साथ-साथ वर्चुअल माध्यम से भी सुनवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।
हाईकोर्ट के महा निबंधक ने जारी कर दिया पत्र
हाई कोर्ट के महानिबंधक सत्यप्रकाश सिन्हा की ओर से जारी पत्र में राज्य के सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों तथा रांची न्यायायुक्त को निर्देश दिया गया है कि मौजूदा ऊर्जा संकट को ध्यान में रखते हुए अदालतों में हाइब्रिड प्रणाली लागू की जाए। यह निर्णय हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक के निर्देश पर लिया गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी दर्ज हो सकेगी उपस्थित
निर्देश के अनुसार वकील, पक्षकार और गवाह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए झारखंड हाई कोर्ट द्वारा पहले से निर्धारित सभी नियमों, दिशा-निर्देशों और एसओपी का पालन अनिवार्य होगा।
8 जून से हाई कोर्ट में भी लागू हो जाएगा हाइब्रिड सिस्टम
फिलहाल हाई कोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश चल रहा है और 8 जून को अदालत खुलने के बाद हाई कोर्ट में भी हाइब्रिड मोड को लेकर आगे विचार किया जाएगा।
इसके अलावा ईंधन संकट को देखते हुए न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों को वाहन-साझाकरण (कार पूलिंग) अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। प्रधान जिला जजों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मियों को साझा वाहन से अदालत आने की सलाह दें।

