Jamshedpur : झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने शुक्रवार को टाटानगर रेलवे स्टेशन से नई दिल्ली में आयोजित होने वाले जनजाति सांस्कृतिक समागम में शामिल होने जा रहे सैकड़ों लोगों के जत्थे को रवाना किया। यह समागम जनजाति सुरक्षा मंच के तत्वावधान में 24 मई को लाल किले में आयोजित होना है, जिसमें देशभर से बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोगों के शामिल होने की संभावना है।
इस दौरान चम्पाई सोरेन ने आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और धार्मिक पहचान की रक्षा को लेकर भाजपा की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की परंपराओं, सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए सामूहिक जागरूकता जरूरी है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने ऐतिहासिक रूप से आदिवासी हितों की अनदेखी की। चंपाई सोरेन ने कहा कि आदिवासी समाज के अस्तित्व, परंपराओं और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए केंद्र सरकार से डीलिस्टिंग और संविधान के अनुच्छेद 342 में आवश्यक संशोधन की मांग लगातार उठ रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने आदिवासी समाज के उत्थान के लिए एकलव्य विद्यालय, जनजातीय गौरव दिवस और पीएम जनमन योजना जैसी पहल शुरू की हैं। उन्होंने इसे आदिवासी समुदाय के विकास और सम्मान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने झारखंड कांग्रेस द्वारा जनजाति सांस्कृतिक समागम के बहिष्कार की अपील पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आदिवासी समाज अपनी सांस्कृतिक पहचान बचाने के लिए एकजुट हो रहा है और इस प्रयास को राजनीतिक नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए।
गौरतलब है कि नई दिल्ली के लाल किले में 24 मई को आयोजित जनजाति सांस्कृतिक समागम में देशभर के आदिवासी समुदाय की भागीदारी होगी। कार्यक्रम में कई प्रमुख जनजातीय नेता शामिल होंगे।
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