Home » West Singhbhum News : कोल्हान के छात्रों के क्लस्टर सिस्टम और पदों को सरेंडर करने के खिलाफ AIDSO का राजभवन तक आक्रोश मार्च

West Singhbhum News : कोल्हान के छात्रों के क्लस्टर सिस्टम और पदों को सरेंडर करने के खिलाफ AIDSO का राजभवन तक आक्रोश मार्च

West Singhbhum News : पारंपरिक शिक्षा के संकुचन और छात्राओं की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल : समर महतो

by Rajeshwar Pandey
AIDSO Protest March Against Cluster System in Kolhan
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

Chaibasa : आज ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (AIDSO) की झारखंड राज्य कमेटी के नेतृत्व में राज्य के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्र प्रतिनिधियों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से लोकभवन तक एक विशाल विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। यह उग्र प्रदर्शन राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत विश्वविद्यालयों में लागू किए जा रहे क्लस्टर सिस्टम और पुनर्गठन के नाम पर शिक्षकों के पदों को सरेंडर (खत्म) करने के तानाशाही फैसले के खिलाफ आयोजित किया गया था।

विरोध प्रदर्शन के दौरान राज्य अध्यक्ष समर महतो ने सरकार की इस नीति से छात्रों, विशेषकर ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ने वाले विनाशकारी प्रभावों को प्रमुखता से रेखांकित किया।

पारंपरिक विषयों की पढ़ाई होगी संकुचित

प्रदर्शनकारियों ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि क्लस्टर सिस्टम के लागू होने से कॉलेजों को चुनिंदा विषयों या संकायों (जैसे केवल आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स) तक ही सीमित कर दिया जाएगा। इसका सीधा परिणाम यह होगा कि हर कॉलेज में सभी बुनियादी और पारंपरिक विषय उपलब्ध नहीं होंगे, जिससे ज्ञान का दायरा पूरी तरह संकुचित हो जाएगा और छात्र अपनी रुचि के पारंपरिक विषयों को पढ़ने से वंचित रह जाएंगे।

छात्राओं की सुरक्षा पर बड़ा संकट

यह आंदोलन का संवेदनशील और गंभीर पहलू छात्राओं की सुरक्षा को लेकर है। क्लस्टर सिस्टम के कारण छात्राओं को अलग-अलग विषयों की पढ़ाई के लिए अपने नजदीकी सुरक्षित कॉलेजों को छोड़कर दूर-दराज के अन्य संस्थानों में भटकना पड़ेगा। झारखंड के कई सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित परिवहन और आवागमन के साधनों की भारी कमी है, जिससे छात्राओं की सुरक्षा भगवान भरोसे हो जाएगी। सुरक्षा चिंताओं के कारण बड़ी संख्या में अभिभावक अपनी बेटियों को दूर भेजने से कतराएंगे, जिससे छात्राओं की ड्रॉप-आउट दर बढ़ जाएगी।

डिग्री पूरी करने के लिए करनी होगी भारी मशक्कत

इस नीति के अनुसार छात्रों को विभिन्न विषयों की क्लास अटेंड करने के लिए एक ही दिन में कई किलोमीटर दूर स्थित अलग-अलग कॉलेजों के चक्कर काटने होंगे। इस अव्यवहारिक व्यवस्था के कारण छात्रों का समय और पैसा तो बर्बाद होगा ही, साथ ही अपनी नियमित पढ़ाई और डिग्री को पूरा करने के लिए उन्हें अत्यधिक मानसिक, शारीरिक और आर्थिक मशक्कत का सामना करना पड़ेगा।

छात्रों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ,निजी शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा

झारखंड के अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण, आदिवासी और आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों से आते हैं। यात्रा और रहने का खर्च बढ़ने से सरकारी शिक्षा आम और गरीब छात्रों की पहुंच से दूर हो जाएगी, जिससे सीधे तौर पर निजी (प्राइवेट) कॉलेजों को फायदा पहुंचेगा।

शिक्षकों के पद सरेंडर करने से चरमराएगी व्यवस्था

पुनर्गठन के नाम पर कॉलेजों में पहले से खाली पड़े शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों को सरेंडर करने का सरकारी प्रस्ताव पूरी तरह छात्र-विरोधी है। जब कॉलेजों में शिक्षक ही नहीं बचेंगे, तो शिक्षा की गुणवत्ता का पूरी तरह मरण तय है।

AIDSO की मुख्य मांगें

विश्वविद्यालयों में थोपे जा रहे अव्यवहारिक क्लस्टर सिस्टम को तुरंत वापस लिया जाए। पुनर्गठन के नाम पर शिक्षकों और कर्मचारियों के पदों को सरेंडर करने की प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगे और खाली पदों पर स्थायी बहाली हो। शिक्षा के व्यवसायीकरण और निजीकरण को बढ़ावा देने वाली नीतियों को बंद कर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए।

समारोह के अंत में छात्र प्रतिनिधियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस छात्र-विरोधी नीति को तुरंत वापस नहीं लिया और उनकी जायज मांगों को अनसुना किया। तो आने वाले दिनों में पूरे झारखंड के सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में तालाबंदी की जाएगी और इस आंदोलन को एक उग्र जन-आंदोलन का रूप दिया जाएगा। मौके पर जुलूस का नेतृत्व कर रही संगठन के उपाध्यक्ष रिंकी बांसरियार ने कहा हमारा संगठन इस निर्णय का जोरदार विरोध करता है और अगर इस निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो सड़कों पर और भी जोरदार आंदोलन होगा। जरूरत पड़ी तो विश्वविद्यालय में तालाबंदी होगी। राजपाल भवन में हजारों की संख्या में छात्रों का विरोध प्रदर्शन होगा।

जुलूस का नेतृत्व संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष रिंकी बांसरियार, अजय राय, सहित राज्य सचिव मंडली सदस्य लक्ष्मी मुंडा, विशेश्वर महतो, सत्येन महंत।, सगुण हांसदा, प्रदीप यादव, युधिष्ठिर प्रमाणिक, सुजीत जाना, साबित सोरेन, प्रदेश कमिटी की ओर से जतिन दास, डेविड तामसंब, राजा प्रमाणिक, अपूर्व महतो, रीमा मुंडा ने किया।

Read Also: West Singhbhum News : “सबसे दूर, सबसे पहले” जन भागीदारी अभियान का समापन, 855 शिविरों में 2.23 लाख लोग हुए शामिल

Related Articles

Leave a Comment