Jamshedpur : सरायकेला-खरसावां पुलिस ने मोबाइल फोन के जरिए रंगदारी मांगने और लोगों को जान से मारने की धमकी देने वाले एक शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है। बदमाश पर आरोप है कि वह लोगों को फोन कर खुद को जेल में बंद कुख्यात अपराधी बताता था और डर पैदा कर रुपये की मांग करता था। तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे जमशेदपुर के मानगो बस स्टैंड के पास से दबोच लिया।
परसूडीह का रहने वाला है बदमाश
गिरफ्तार बदमाश बंटी गुहा है। वह जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र स्थित गोलपहाड़ी का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, वह फिलहाल पश्चिम बंगाल के कोलकाता के भवानीपुर इलाके में रहकर एक निजी कंपनी में काम कर रहा था। उसके पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसका इस्तेमाल रंगदारी मांगने के लिए किया जाता था। इस पूरी कार्रवाई को कांड्रा थाना पुलिस ने अंजाम दिया।
ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक से मांगी थी रंगदारी
पुलिस ने सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 22 मई को आरोपी ने कांड्रा स्थित झारखंड ग्रामीण बैंक शाखा के प्रबंधक को एक अज्ञात नंबर से फोन किया था। उसने खुद को सरायकेला जेल में बंद अपराधी रवि लोहार बताकर जमानत के लिए वकील की फीस के नाम पर 50 हजार रुपये की मांग की। साथ ही पैसे नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी। इसके बाद बैंक प्रबंधक ने 24 मई को कांड्रा थाना में शिकायत दर्ज कराई।शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई। टीम ने मोबाइल नंबर, तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया।
चांडिल और गम्हरिया के लोगों से भी मांगी गई थी रंगदारी
पूछताछ में बंटी गुहा ने स्वीकार किया कि वह जेल में बंद अपराधियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को डराता था और उनसे रुपये वसूलने की कोशिश करता था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने इसी मोबाइल नंबर से कई अन्य लोगों को भी निशाना बनाया था। 21 मई को चांडिल थाना क्षेत्र के रूचाप निवासी एक व्यक्ति से रंगदारी मांगी गई थी, जबकि 15 मई को गम्हरिया क्षेत्र के एक अन्य व्यक्ति को भी धमकी देकर रुपये की मांग की गई थी।
फिलहाल पुलिस आरोपी के बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड और उसके संपर्कों की गहन जांच कर रही है। पुलिस को आशंका है कि पूछताछ में इस तरह के और भी मामलों का खुलासा हो सकता है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी अकेले वारदातों को अंजाम देता था या उसके साथ कोई संगठित गिरोह भी सक्रिय था।

