RANCHI: मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों में तेजी लाते हुए विकास की किरणें समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति तक लाभ पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग अपने केन्द्रांश और राज्यांश बजट का पूर्ण व्यय करते हुए योजनाओं का सीधा लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना सुनिश्चित करे। महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के अंतर्गत रिक्त पदों को भरने हेतु नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी लाने का निर्देश उन्होंने दिया। मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग अंतर्गत सीडीपीओ के 106 पद, महिला पर्यवेक्षिका के 433 पद, आंगनबाड़ी सेविका के 583 पद एवं आंगनबाड़ी सहायिका के 897 पद रिक्त हैं जिन पदों पर नियुक्ति की जानी है।
मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के अंदर मिशन मोड में मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएं। आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए सीएसआर और डीएमफटी फंड का उपयोग कर पहले जीर्ण-शीर्ण व किराए के भवन में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट कराना सुनिश्चित करें। सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करें। सरकार की सोच है कि अधिक से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र अपने भवन में संचालित हो। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली, शौचालय और पेयजल आपूर्ति की बेहतर सुविधा सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों ने बताया कि किराए पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी विद्यालय परिसरों में शिफ्ट किए जाने का कार्य विभाग द्वारा किया जा रहा है। इससे बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा और इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
वन स्टॉप सेंटर के लिए महिलाओं को करें जागरूक
मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि पोषण अभियान योजना के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविकाओं को मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के पश्चात पोषण ट्रैकर पोर्टल के माध्यम से प्रत्येक दिन की गतिविधियों को अपलोड किया जा रहा है। इससे पर्यवेक्षण में सहूलियत हो रही है। मुख्यमंत्री ने सखी वन स्टॉप सेंटर के उपयोग के प्रति महिलाओं को जागरूक करने और हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता प्रदान करने को कहा। साथ ही इसे स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ जोड़ने का भी निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला हेल्पलाइन नंबर को लेकर लोगों में जागरूकता लाएं और इस नंबर पर प्राप्त शिकायतों को तत्परता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित की जाए।
बाल विवाह पर हर हाल में लगाएं रोक
मुख्यमंत्री ने बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर हर हाल में रोक लगाने को कहा। गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा जैसे जगहों पर बाल विवाह के ज्यादा मामले देखने और सुनने को मिल रहे हैं, ऐसी जगहों पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूक करें। बाल विवाह को बढ़ावा देने वालों और इसमें शामिल लोगों पर की जाने वाली कार्रवाई की जानकारी भी आमजनों को दें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ऑडियो-वीडियो और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी लोगों में जागरूकता लाई जा सकती है। साथ ही स्कूल-कॉलेज की छात्राओं सहित आम लोगों को भी जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त झारखंड की दिशा में अपनी साहस और दृढ़संकल्प को दिखाने वाली बालिकाओं को ब्रांड एम्बेसडर/वॉलेंटियर बनाकर समाज में जागरूकता फैलाएं।
छूटे हुए पात्र लाभुकों को जोड़ें
सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सर्वजन पेंशन योजना पर उन्होंने कहा कि निर्धारित आयु वर्ग के व्यक्तियों को पेंशन योजना अक्षादित करना सुनिश्चित करें। झारखंड मुख्यमंत्री मईयां सम्मान योजना की कार्यप्रगति जानकारी ली एवं अहर्ता पूर्ण करने वाले छूटे हुए लाभुकों को भी इस योजना से जोड़ें। मुख्यमंत्री किशोरी कल्याणार्थ हेतु सावत्री बाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, निशक्त कल्याणार्थ योजना अंतर्गत दिव्यांग छात्रवृत्ति योजना और दिव्यांग जनों को विशेष उपकरण उपलब्ध कराए जाने संबंधी कार्य प्रगति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश अधिकारियों को दिए।
ये रहे मौजूद
राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह, निदेशक समाज कल्याण किरण कुमार पासी, अपर सचिव महिला बाल विकास विभाग अभय नंदन अम्बष्ट, निदेशक आईसीपीएस विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

