RANCHI: रांची नगर निगम ने शहर को स्वच्छ, हरित और जल-जमाव मुक्त बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। नगर आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय वर्चुअल समीक्षा बैठक में गीले कूड़े के पृथक्करण, बायोगैस उत्पादन, मॉनसून पूर्व जल निकासी व्यवस्था और पेड़ों की छंटाई को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई। निगम का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से शहर में सतत विकास और बेहतर शहरी प्रबंधन सुनिश्चित करना है।
नगर आयुक्त ने कहा कि गीले कूड़े के वैज्ञानिक प्रबंधन और हरित ऊर्जा उत्पादन के लिए स्रोत स्तर पर कूड़ा पृथक्करण बेहद जरूरी है। गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित बायोगैस प्लांट के सफल संचालन के लिए पर्याप्त मात्रा में पृथक ऑर्गेनिक कूड़ा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। इसके लिए पहले चरण में शहर के 20 वार्डों में विशेष अभियान चलाया जाएगा, जहां घर-घर से गीला और सूखा कूड़ा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। निगम ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण के दौरान दोनों प्रकार के कचरे को किसी भी स्थिति में मिश्रित नहीं किया जाए।
बल्क वेस्ट जेनरेटर्स के खिलाफ कार्रवाई
इसके साथ ही शहरभर में जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। आवासीय परिसरों, बाजारों, संस्थानों और रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्लूए) को कूड़ा पृथक्करण के प्रति जागरूक किया जाएगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले बल्क वेस्ट जेनरेटर्स और संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
पंचशील नगर में टीम तैनात
दूसरी ओर आगामी मानसून को देखते हुए वार्ड संख्या-32 स्थित पंचशील नगर में जल-जमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। बड़े नालों और जाम नालियों की सफाई के लिए 15 सफाई मित्रों की टीम तैनात की गई है। पोकलेन मशीन और सुपर शकर मशीन की मदद से सफाई कार्य तेज किया गया है। पिछले तीन दिनों में लगभग 30 ट्रैक्टर गाद निकालकर जल निकासी क्षमता बढ़ाई गई है। अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है।
पेड़ों की छंटाई का चल रहा अभियान
मानसून के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नगर निगम की हॉर्टिकल्चर शाखा ने पेड़ों की छंटाई अभियान को गति दी है। मई माह में 139 स्थानों पर पेड़ों की छंटाई और 46 सूखे व जर्जर पेड़ों को हटाया गया। जून और जुलाई के लिए विशेष रोस्टर तैयार किया गया है। निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि जोखिमपूर्ण पेड़ों की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800-570-1235 पर दें, ताकि समय रहते जरूरी कार्रवाई की जा सके।

