रांची। झारखंड में शहद उत्पादन को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में हनी वैल्यू चेन परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (जेएसएलपीएस) के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अनन्य मित्तल ने कहा कि राज्य में उत्पादित शहद को देश के विभिन्न बाजारों तक पहुंचाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि इस व्यवसाय का विस्तार हो और अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं को रोजगार एवं आय के अवसर प्राप्त हो सकें।
नगड़ी और इटकी प्रखंड में हनी वैल्यू चेन परियोजना के तहत संचालित हनी माइग्रेशन सेंटर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन और विपणन से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी ली। इस दौरान शहद की पैकेजिंग व्यवस्था तथा मधुमक्खी बक्सों का अवलोकन करते हुए उन्होंने उत्पाद की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद ही बाजार में स्थायी पहचान बना सकते हैं।
शहद उत्पादन और विपणन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं
अनन्य मित्तल ने कहा कि मधुमक्खी पालन ग्रामीण महिलाओं के लिए आय सृजन का प्रभावी माध्यम बन रहा है। हनी वैल्यू चेन परियोजना के माध्यम से महिलाओं को उत्पादन से लेकर विपणन तक की गतिविधियों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, ताकि झारखंड के शहद को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके।
उन्होंने कहा कि राज्य में शहद उत्पादन और विपणन के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। यदि इसे व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जाए तो यह हजारों ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करने के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण का भी सशक्त माध्यम बन सकता है। इस अवसर पर परियोजना से जुड़े पदाधिकारी, किसान उत्पादक कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्य, मधु पालक महिलाएं तथा अन्य कर्मी उपस्थित थे।

