रांची: राज्य की पंचायतों को अधिक सक्षम और योजनाओं के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने के लिए पंचायती राज विभाग ने राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत नई पहल शुरू की है। विभाग ने इस दिशा में सहभागी योजना विशेषज्ञ (पार्टिसिपेटरी प्लानिंग एक्सपर्ट) की नियुक्ति का प्रावधान किया है, जो पंचायतों को विकास योजनाओं के निर्माण और उनके प्रभावी संचालन में तकनीकी सहयोग देंगे।
विभाग की योजना पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित रखने की नहीं, बल्कि उन्हें स्थानीय विकास की मजबूत इकाई के रूप में विकसित करने की है। इसके तहत ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करने से लेकर विभिन्न विभागों की योजनाओं के समन्वय और संसाधनों के बेहतर उपयोग तक तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
आरजीएसए के तहत पंचायत प्रतिनिधियों, कर्मियों और पदाधिकारियों के लिए नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें वित्तीय प्रबंधन, योजना निर्माण, सामाजिक जवाबदेही, जनभागीदारी और सुशासन जैसे विषय शामिल होंगे। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षकों का पैनल तैयार किया जाएगा और आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे।
योजना के तहत पंचायतों के कार्यों की निगरानी, उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण और विकास योजनाओं के परिणामों का मूल्यांकन भी किया जाएगा। माना जा रहा है कि इससे पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार आरजीएसए का फोकस पंचायतों को आत्मनिर्भर और जवाबदेह बनाना है, ताकि गांवों की जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार हों और उनका लाभ अधिक प्रभावी तरीके से आम लोगों तक पहुंच सके। पंचायत स्तर पर जनभागीदारी बढ़ाने और ग्राम सभाओं को मजबूत बनाने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

