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Chaibasa News : विश्व पर्यावरण दिवस पर महिला थाना चाईबासा में पौधारोपण, हरित भविष्य के लिए लिया संकल्प

Jharkhand Hindi News : प्रकृति मानव जीवन का मूल आधार है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है- महिला थाना प्रभारी शीला मिंज

by Rakesh Pandey
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चाईबासा : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को महिला थाना चाईबासा परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) चाईबासा द्वारा संचालित 90 दिवसीय जागरूकता अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और वृक्षारोपण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई तथा लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर तथा डालसा सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान महिला थाना प्रभारी शीला मिंज ने आम का पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की।

प्रकृति मानव जीवन का आधार, इसकी रक्षा सभी की जिम्मेदारी : शीला मिंज

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिला थाना प्रभारी शीला मिंज ने कहा कि प्रकृति मानव जीवन का मूल आधार है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति की है। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण समय की आवश्यकता बन चुका है।

प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील की

महिला थाना प्रभारी ने लोगों से पेड़ लगाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित वातावरण प्रदान करना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।

पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की जरूरत

कार्यक्रम में उपस्थित अधिकार मित्र सूरज कुमार ठाकुर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि सतत जनभागीदारी से जुड़ा सामाजिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ हजारों जीव-जंतुओं और पक्षियों के लिए जीवन का आधार भी बनता है। उन्होंने जल संरक्षण को भविष्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक बताते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही आने वाले समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

जलवायु परिवर्तन से निपटने का प्रभावी उपाय है वृक्षारोपण

अधिकार मित्र अलकमा रूही ने भी पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी और व्यावहारिक उपाय है। उन्होंने लोगों से अपने घरों, विद्यालयों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

पौधारोपण के साथ पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान अधिकार मित्र संगीता देवी ने भी पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उपस्थित लोगों ने पौधे लगाकर पर्यावरण सुरक्षा, जल संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। सभी प्रतिभागियों ने समाज में पर्यावरण जागरूकता फैलाने, वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने और हरित भविष्य के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और सतत विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान बना प्रेरणा का माध्यम

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। वृक्षारोपण और जल संरक्षण जैसे प्रयास न केवल पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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