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Dhanbad News : धनबाद में एनजीटी की रोक के बाद भी अवैध बालू खनन जारी, छापेमारी में दो वाहन जब्त

by Rakesh Pandey
Dhanbad News
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धनबाद : मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) द्वारा 10 जून से देशभर की नदियों से बालू उठाव पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके बावजूद धनबाद जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। गुरुवार तड़के खनन विभाग की टीम ने सुरक्षा बलों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर अवैध बालू कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की। इस दौरान बिना वैध दस्तावेजों के बालू ढो रहे दो वाहनों को जब्त किया गया।

एनजीटी प्रतिबंध के बावजूद जारी है अवैध बालू कारोबार

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की ओर से मानसून के दौरान नदी पारिस्थितिकी और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बालू खनन पर रोक लगाई गई है। इसके बावजूद धनबाद के विभिन्न नदी घाटों पर अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। खनन विभाग को मिली सूचना के आधार पर गुरुवार सुबह विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कई संदिग्ध स्थानों पर निरीक्षण किया गया।

धैया रोड से बालू लदे दो वाहन जब्त

खनन विभाग की टीम माइनिंग इंस्पेक्टर श्यामानंद सिंह और ब्रह्मदेव यादव के नेतृत्व में सबसे पहले बरटांड़ बस स्टैंड के समीप धैया रोड पहुंची। यहां जांच के दौरान बालू लदे दो 407 वाहनों को रोका गया। जांच में दोनों वाहन चालकों से बालू परिवहन से संबंधित वैध परमिट और आवश्यक दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद टीम ने जेएच-10 एटी-8754 और जेएच-10 बीजे-7449 नंबर के दोनों वाहनों को जब्त कर धनबाद थाना के सुपुर्द कर दिया। अधिकारियों के अनुसार जब्त वाहनों से लगभग 400 सीएफटी बालू बरामद किया गया है।

तेलमच्चो घाट पर अवैध खनन का खुलासा

वाहन जब्ती के बाद खनन विभाग की टीम तेलमच्चो बालू घाट पहुंची। यहां निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद दामोदर नदी से ट्रैक्टरों के माध्यम से बालू निकासी और लोडिंग का कार्य जारी था। हालांकि विभागीय टीम को देखते ही वहां मौजूद लोग ट्रैक्टरों की चाबी लेकर मौके से फरार हो गए। अधिकारियों ने घटनास्थल से अवैध खनन के प्रमाण जुटाए हैं और संबंधित लोगों की पहचान कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

प्रशासनिक निगरानी पर उठ रहे सवाल

एनजीटी के स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद नदी घाटों पर खुलेआम बालू निकासी होने से प्रशासनिक निगरानी और कानून के अनुपालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो मानसून के दौरान नदी तटों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। अवैध बालू खनन न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि इससे नदी के प्राकृतिक प्रवाह, जलस्तर और जैव विविधता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

कार्रवाई तेज करने का दावा

खनन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ लगातार अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि प्रतिबंध अवधि में किसी भी प्रकार के अवैध बालू कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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