रांची : झारखंड सरकार ने पुराने (अपुनरीक्षित) वेतनमान से वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों एवं पेंशनभोगियों को बड़ी राहत दी है। वित्त विभाग ने तीन अलग-अलग संकल्प जारी कर पंचम वेतनमान, छठे केंद्रीय वेतनमान के कर्मचारियों तथा छठे वेतनमान के पेंशनधारियों, पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में वृद्धि को मंजूरी दी है। यह बढ़ी हुई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होंगी। प्रस्ताव को 27 मई 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में स्वीकृति मिल चुकी है।
पंचम वेतनमान वालों का डीए 474% से बढ़कर 483%
वित्त विभाग के संकल्प के अनुसार, राज्य के वैसे कर्मचारी जो अब भी अपुनरीक्षित पंचम वेतनमान में वेतन प्राप्त कर रहे हैं, उनका महंगाई भत्ता 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया गया है। यह वृद्धि केंद्र सरकार द्वारा 22 अप्रैल 2026 को जारी आदेश के अनुरूप की गई है। बता दें कि सातवां वेतनमान पाने वाले कर्मियों का भी महंगाई भत्ता 2% तक बढ़ा है।
छठे केंद्रीय वेतनमान वाले कर्मचारियों का डीए 257% से बढ़कर 262%
दूसरे संकल्प में राज्य सरकार ने उन कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिनका वेतन पुनरीक्षण छठे केंद्रीय वेतनमान के अनुसार हुआ था और जिन्हें अभी तक सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिला है। ऐसे कर्मचारियों का डीए 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दिया गया है।
छठे वेतनमान के पेंशनरों को भी राहत
तीसरे आदेश के तहत छठे वेतनमान में पेंशन प्राप्त कर रहे राज्य के पेंशनधारियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (डीआर) भी 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दी गई है। यह लाभ भी 1 जनवरी 2026 से देय होगा।
मूल वेतन और पेंशन पर ही मिलेगा लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि महंगाई भत्ता केवल मूल वेतन पर देय होगा। विशेष वेतन, वैयक्तिक वेतन आदि पर इसका भुगतान नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार पेंशनभोगियों को बढ़ी हुई महंगाई राहत उनकी मूल पेंशन के आधार पर मिलेगी। इन फैसलों से राज्य के उन कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ मिलेगा, जो अभी भी पुराने वेतनमानों के तहत वेतन या पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। सरकार के इस निर्णय से उनके मासिक भुगतान में बढ़ोतरी होगी और जनवरी 2026 से एरियर का भी भुगतान किया जाएगा।

