रांची : झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार प्रवेश कर लिया। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के पूर्वी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं। खासकर संथाल परगना और कोल्हान क्षेत्र में इसका असर साफ दिखाई देने लगा है। कई जिलों में बारिश शुरू हो गई है, जबकि आने वाले दिनों में मानसून और आगे बढ़ने की संभावना है।
रांची स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक आनंद ने बताया कि गोड्डा, देवघर, पूर्वी सिंहभूम और गिरिडीह के कुछ हिस्सों में मानसून सक्रिय हो चुका है। अगले दो से तीन दिनों में इसके झारखंड के अन्य जिलों तक पहुंचने की उम्मीद है।
9 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने राज्य के नौ जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कोल्हान और संथाल परगना क्षेत्र में मानसून का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिल सकता है। वहीं, रांची समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में बने गहरे निम्न दबाव क्षेत्र के कारण झारखंड में मानसूनी गतिविधियां बढ़ी हैं।
जून में सामान्य से कम बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने बताया कि इस वर्ष मानसून सामान्य समय से थोड़ा देरी से आगे बढ़ा है। केरल में मानसून की शुरुआत 4 जून को हुई, जबकि झारखंड में इसका सामान्य आगमन करीब 12 जून के आसपास माना जा रहा है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, जून में राज्य में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। अलनीनो के प्रभाव के कारण देशभर में मानसून कमजोर रहने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि जुलाई और अगस्त में होने वाली बारिश से पूरे मानसून के प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा।
किसानों के लिए राहत की खबर
मानसून की दस्तक से किसानों के चेहरे पर खुशी है। मौसम विभाग ने किसानों को धान की नर्सरी तैयार करने और बिचड़ा लगाने की सलाह दी है। निचले इलाकों में धान की खेती शुरू करने के लिए यह समय अनुकूल बताया गया है। वहीं खराब मौसम को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। वज्रपात, तेज हवा और भारी बारिश के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

