Ranchi : झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। पार्टी नेतृत्व ने विधायकों को एकजुट रखने और मतदान सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ नेताओं को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर, पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार और पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता समेत कई नेताओं को विधायकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने का दायित्व दिया गया है। इन नेताओं का काम विधायकों की समस्याओं और सुझावों को पार्टी आलाकमान तक पहुंचाना होगा, ताकि किसी भी तरह की असंतुष्टि को समय रहते दूर किया जा सके।
राज्यसभा चुनाव को देखते हुए सत्तारूढ़ महागठबंधन भी पूरी तरह सक्रिय है। गठबंधन में बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से मुख्यमंत्री आवास पर लगातार दो दिनों तक रात्रिभोज आयोजित किए जाने की चर्चा है। माना जा रहा है कि इस दौरान गठबंधन के सभी विधायक और वरिष्ठ नेता एक साथ बैठकर चुनावी रणनीति पर चर्चा करेंगे।
कांग्रेस को झामुमो का समर्थन मिलने के बाद पार्टी अपने उम्मीदवार की जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए कांग्रेस ने पर्यवेक्षक अजय शर्मा, नासिर हुसैन और प्रदेश प्रभारी को भी सक्रिय किया है। ये सभी नेता अलग-अलग माध्यमों से रांची पहुंच रहे हैं और मुख्यमंत्री से मुलाकात भी करेंगे।
सूत्रों के अनुसार कांग्रेस अपने किसी भी विधायक को विपक्ष के संपर्क में जाने से रोकने के लिए लगातार संवाद बनाए हुए है। पार्टी के नेता रांची से लेकर नई दिल्ली तक सक्रिय हैं और विधायकों के साथ नियमित संपर्क में बने हुए हैं।
वहीं, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने दावा किया है कि महागठबंधन के सभी निर्धारित वोट कांग्रेस उम्मीदवार को मिलेंगे और यही उनकी जीत का मजबूत आधार बनेगा। राज्यसभा चुनाव को लेकर झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी दल अपने-अपने स्तर पर रणनीति बनाने में जुटे हैं।

