
रांची : राज्य सरकार ने विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर और डाटा एंट्री ऑपरेटर के वेतनमान को लेकर अहम फैसला लिया है। वित्त विभाग ने इन पदों के लिए वेतनमान में एकरूपता लाते हुए 7वें वेतन पुनरीक्षण के तहत पे-लेवल-2 को मानक वेतनमान निर्धारित किया है। हालांकि, पहले से कार्यरत संविदा कर्मियों के वेतन और संविदा राशि में कोई कटौती नहीं होगी। झारखंड कैबिनेट ने इस संबंध 15 जून को निर्णय लिया था ।
इसके बाद वित्त विभाग ने संकल्प जारी कर दिया है। इसके क अनुसार, राज्य के कई विभागों में कंप्यूटर ऑपरेटर और डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति नियमित, संविदा और आउटसोर्सिंग के माध्यम से की जा रही है। अलग-अलग विभागों में इन पदों के लिए अलग-अलग आधार पर संविदा राशि तय होने से वेतनमान में असमानता की स्थिति बनी हुई थी। इसी विसंगति को दूर करने के लिए सरकार ने यह फैसला लिया है।
नए आदेश के तहत वित्त विभाग के वर्ष 2002 के दिशा-निर्देशों के अनुसार संविदा पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर और डाटा इंट्री ऑपरेटर के पद का वेतनमान अब पे-लेवल-2 (अपूर्व संशोधित वेतनमान 5200-20200 रुपये, ग्रेड पे 1900 रुपये) माना जाएगा। इसी आधार पर भविष्य में मासिक संविदा राशि का निर्धारण किया जाएगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में कार्यरत संविदा कंप्यूटर ऑपरेटरों को उनकी संविदा अवधि पूरी होने तक पूर्व निर्धारित वेतनमान और संविदा राशि मिलती रहेगी। यानी उनके वेतन में किसी प्रकार की कटौती नहीं होगी। लेकिन उनके पदमुक्त या सेवामुक्त होने के बाद संबंधित पद स्वतः नए वेतनमान यानी पे-लेवल-2 के अंतर्गत आ जाएगा और आगे की नियुक्तियां इसी आधार पर की जाएंगी।
सरकार का मानना है कि कंप्यूटर ऑपरेटर और डाटा इंट्री ऑपरेटर के कार्य की प्रकृति कनीय सचिवालय सहायक और निम्न वर्गीय लिपिक के समान है। इसलिए इनके वेतनमान में भी समानता जरूरी थी। इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

