
रांची : झारखंड में लंबे समय से चल रही मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को समाप्त हो गई। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ और ग्रामीण विकास विभाग सचिव मनोज कुमार और मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय कुमार बरनवाल के बीच हुई निर्णायक वार्ता में कई महत्वपूर्ण मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन वापस लेने का फैसला किया गया।
संघ के अध्यक्ष अनिरुद्ध पांडे ने बताया कि सरकार के साथ हुई बातचीत पूरी तरह सकारात्मक रही और वर्षों से लंबित मांगों पर ठोस सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि संगठन ने जिम्मेदारी के साथ आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया है।
सहमति के तहत 10 वर्ष से अधिक सेवा अवधि पूरी कर चुके मनरेगा कर्मियों को ग्रेड पे में शामिल करने के लिए एक माह के भीतर विभागीय स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसके साथ ही सेवाकाल में दिवंगत कर्मियों के आश्रितों को जिला स्तर पर मनरेगा पदों पर प्राथमिकता देने पर भी सहमति के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही कर्मियों को मुख्यमंत्री अबुआ स्वास्थ्य सुरक्षा योजना से जोड़ने की दिशा में भी सरकार ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया है।
इस सहमति के बाद झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ ने 12 मार्च 2026 से चल रही 103 दिनी अनिश्चितकालीन हड़ताल को समाप्त करने की घोषणा की। आंदोलन के अंतिम चरण में राँची के नागा बाबा खटाल में राज्यस्तरीय महाधरना और आमरण अनशन भी आयोजित हुआ था।
धरना स्थल पर कांके विधायक सुरेश बैठा ने पहुंचकर अनशनरत कर्मियों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
संघ ने सभी कर्मियों से अपील की है कि वे अब अपने कार्यस्थलों पर लौटकर ग्रामीण विकास कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाएँ।

