
रांची : झारखंड के विकास को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार प्रयासरत है। केंद्रीय ऊर्जा और शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल ने भरोसा दिया है कि राज्य को बेहतर बनाने के लिए केंद्र हर तरह की मदद देगा। शुक्रवार को रांची के एक होटल में हुई हाई-लेवल मीटिंग में उन्होंने झारखंड में बिजली और शहरों के विकास से जुड़ी योजनाओं की बारीकी से समीक्षा की। इस बैठक में राज्य के शहरी विकास मंत्री सुदिव्य कुमार के साथ केंद्र और राज्य के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए।
बिजली घाटे पर चिंता और सुधार के निर्देश
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने राज्य में बिजली की बर्बादी (तकनीकी और कमर्शियल नुकसान) और सरकारी बिजली कंपनियों के बढ़ते घाटे पर चिंता जताई। उन्होंने साफ कहा कि अगर बिजली व्यवस्था को मजबूत करना है, तो इस नुकसान को जल्द से जल्द कम करना होगा। इसके लिए झारखंड सरकार को एक तय समय के भीतर ठोस कदम उठाने होंगे।
बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए केंद्रीय मंत्री ने कुछ कड़े और जरूरी निर्देश दिए। सरकारी दफ्तरों पर बकाया बिजली बिलों का भुगतान जल्द से जल्द करने को कहा गया है।
सभी सरकारी विभागों और संस्थानों में आगामी 31 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रीपेड मीटर लगा दिए जाएंगे, ताकि बिलों का समय पर भुगतान हो सके।
फैक्ट्रियों, कमर्शियल सेंटर्स और भारी बिजली इस्तेमाल करने वाले सभी बड़े उपभोक्ताओं के यहां भी 31 अगस्त 2026 तक स्मार्ट मीटर लगाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। आम उपभोक्ताओं के लिए भी इस प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
सोलर एनर्जी और आदिवासी गांवों पर जोर
बैठक में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ की भी तारीफ की गई। इसके तहत आदिवासी परिवारों तक ग्रिड के जरिए बिजली पहुंचाने के काम में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही, ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ और ‘कुसुम योजना’ की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सलाह दी कि सभी सरकारी इमारतों की छतों पर सोलर पैनल (रूफटॉप सोलर) लगाए जाएं। इससे सरकारी दफ्तरों का बिजली बिल तो कम होगा ही, साथ ही मुख्य पावर ग्रिड पर भी लोड घटेगा।
राज्य सरकार ने दिया पूरा भरोसा
झारखंड सरकार की ओर से बैठक में अब तक के कामों की प्रगति रिपोर्ट पेश की गई। राज्य के मंत्री ने केंद्र से मिल रहे सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और भरोसा दिलाया कि राज्य में बिजली सुधारों और स्मार्ट मीटर लगाने के काम को समय पर पूरा करने के लिए सरकार हर संभव कोशिश करेगी। जानकारों का मानना है कि इस बैठक में लिए गए फैसलों से आने वाले समय में झारखंड की जनता को बेहतर और निर्बाध बिजली मिल सकेगी।

