
चाईबासा : लंबित वेतन और वेतन वृद्धि समेत अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मियों ने गुरुवार को आंदोलन वापस ले लिया। सिविल सर्जन के साथ हुई वार्ता में तीन माह का बकाया मानदेय जल्द भुगतान करने का आश्वासन मिलने के बाद कर्मी काम पर लौट आए। इससे जिले की ठप पड़ी स्वास्थ्य सेवाएं फिर से बहाल हो गई हैं।
आश्वासन पर हड़ताल स्थगित
हड़ताल खत्म करने के बाद एनएचएम कर्मियों ने सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को पत्र सौंपा और अपने-अपने कार्यस्थलों पर योगदान दिया। हड़ताल में शामिल वरीय चिकित्सा पर्यवेक्षक मनोज कुमार ने बताया कि छह माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मियों को गंभीर आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा था। फिलहाल तीन माह का वेतन जारी करने के आश्वासन पर हड़ताल स्थगित की गई है।
ट्रेजरी पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण भुगतान रुका
बुधवार को सिविल सर्जन के साथ हुई बैठक में बताया गया कि ट्रेजरी पोर्टल में तकनीकी खराबी के कारण भुगतान रुका था। गड़बड़ी दूर कर चार दिन के भीतर बकाया मानदेय खाते में भेज दिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद कर्मियों ने काम पर लौटने का फैसला किया।
भुगतान न होने पर 30 जून से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल
एनएचएम कर्मी ने कहा है कि यदि 29 जून तक बकाया भुगतान नहीं हुआ तो 30 जून से दोबारा अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। कर्मी 22 जून से लंबित मानदेय, बोनस, 8% वार्षिक वेतन वृद्धि और हर माह 5 तारीख तक वेतन भुगतान की मांग को लेकर हड़ताल पर थे।
लंबित वेतन जल्द जारी कराने का प्रयास
जिले के सैकड़ों एनएचएम संविदा कर्मियों को पिछले छह माह से वेतन नहीं मिला था। इससे अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। मरीजों को इलाज में दिक्कत हो रही थी। अनुमंडल अस्पताल के प्रभारी डॉ अंशुमन शर्मा ने कहा कि कर्मियों की समस्या से विभाग को अवगत कराया गया है। लंबित वेतन जल्द जारी कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने सभी कर्मियों से मरीज हित में नियमित सेवा देने की अपील की। हड़ताल खत्म होने से मरीजों और परिजनों ने राहत की सांस ली है।

