
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव प्रखंड के सोनपड़सा गांव में गाय-बैलों द्वारा धान की फसल चरने को लेकर बड़ा विवाद हो गया। खुले हुए मवेशियों के खेत में घुसने से कई एकड़ फसल बर्बाद हो गई, जिससे नाराज किसानों और मवेशी मालिकों के बीच जमकर बवाल हुआ।
फसल को नुकसान पहुंचा रहे छुट्टा मवेशी
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से छुट्टा मवेशी लगातार खेतों में घुसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे थे। बुधवार को कई एकड़ में लगी धान की फसल चरने के बाद किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने करीब आधा दर्जन बैलों को पकड़कर गांव के सामुदायिक भवन में बंद कर दिया। इसका मवेशी मालिकों ने विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई जो तुरंत मारपीट में बदल गई। दोनों गुट आपस में भिड़ गए। सूचना मिलते ही मझगांव थाना प्रभारी धीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
थाने में 3 नामजद, 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज
घटना के बाद सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण थाने में पहुंच गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। जगन्नाथपुर एसडीपीओ राफेएल मुर्मू ने बताया कि इस संबंध में SC/ST एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने घटना में 3 नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की
घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस गांव में कैंप कर रही है ताकि दोबारा कोई विवाद न हो। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही किसानों से खेतों की रखवाली और मवेशी मालिकों से जानवरों को बांधकर रखने को कहा गया है।

