
चाईबासा : सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा शुक्रवार को किरीबुरू, मेघाहातुबुरु, गुवा और बोलनी खदानों के दौरे पर पहुंच रहे हैं। सीएमडी बनने के बाद यह उनका पहला खनन क्षेत्रीय दौरा है, जिसे बेहद अहम माना जा रहा है। दौरे को लेकर पूरे इलाके में व्यापक तैयारियां की गई हैं।
मेघाहातुबुरु स्थित मेघालया गेस्ट हाउस से लेकर आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई पूरी कर ली गई है। तोरणद्वार बनाए गए हैं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सेल के कार्यपालक निदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहले ही पहुंच चुके हैं।दरअसल, किरीबुरू और मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदानों में मौजूदा भंडार तेजी से घट रहा है।
इससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है। मेघाहातुबुरु की स्थिति ज्यादा चुनौतीपूर्ण बताई जा रही है। इसी को देखते हुए सेल प्रबंधन ने किरीबुरू के साउथ ब्लॉक और मेघाहातुबुरु के सेंट्रल ब्लॉक में नया खनन शुरू करने की योजना बनाई है।अधिकांश सरकारी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। अब केवल सारंडा वन प्रमंडल से पेड़ों की कटाई की अंतिम अनुमति का इंतजार है। अनुमति मिलते ही दोनों नए ब्लॉकों में खनन शुरू हो जाएगा। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
डॉ. पंडा ने 9 मई 2026 को सेल के सीएमडी का कार्यभार संभाला था। 1992 में मैनेजमेंट ट्रेनी के रूप में करियर शुरू करने वाले डॉ. पंडा को वित्त, वाणिज्यिक और प्रबंधन क्षेत्र का तीन दशक से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने कहा कि सेल का लक्ष्य 35 मिलियन टन वार्षिक उत्पादन क्षमता हासिल करना है। इसके लिए घरेलू खनन को मजबूत करना, कच्चे माल की उपलब्धता, सुरक्षा, उत्पादन विस्तार और वैल्यू एडेड उत्पादों पर फोकस किया जाएगा। सीएमडी के इस दौरे से किरीबुरू-मेघाहातुबुरु खदानों के भविष्य को लेकर क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है।
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