
जमशेदपुर : वेदांता द्वारा incab indutry केबल कंपनी के अधिग्रहण के बाद रविवार को केबल गेट परिसर में केबल मजदूर संघ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का शुरुवात कर्मचारी स्वर्गीय सुबोध कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित करके किया गया । बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लेकर कंपनी के भविष्य, कर्मचारियों के हितों एवं वेदांता प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सभी कर्मचारी एकजुट होकर केबल मजदूर संघ के बैनर तले अपनी मांगों एवं सुझावों को वेदांता प्रबंधन के समक्ष रखेंगे तथा कंपनी के पुनर्निर्माण में सक्रिय सहयोग देंगे।
बैठक की शुरुआत कर्मचारियों के स्वागत के साथ हुई। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि 26 वर्षों तक बंद पड़ी कंपनी के कारण हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों ने आर्थिक एवं मानसिक कठिनाइयों का सामना किया है। अब वेदांता के आने से कर्मचारियों में एक नई उम्मीद जगी है। सभी ने विश्वास व्यक्त किया कि नया प्रबंधन कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करेगा और उनके अनुभव का लाभ लेकर कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।
बैठक का संचालन रविंद्र मिश्रा ने किया। उन्होंने कहा कि केबल मजदूर अब किसी भी प्रकार की राजनीति का शिकार नहीं बनेंगे। अतीत में कर्मचारियों के नाम पर कई तरह की राजनीति हुई, जिसका नुकसान केवल मजदूरों को उठाना पड़ा। अब समय आ गया है कि सभी कर्मचारी व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर एक मंच पर आएं और केबल मजदूर संघ के नेतृत्व में अपनी बात मजबूती से रखें।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य किसी से टकराव नहीं बल्कि सहयोग है। वेदांता प्रबंधन के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित कर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा तथा कर्मचारियों और कंपनी के बीच विश्वास का मजबूत वातावरण बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कर्मचारी और प्रबंधन मिलकर कार्य करेंगे तो आने वाले समय में केबल की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलेंगी।
संघ के वरिष्ठ सदस्य प्रदीप झा ने कहा कि केबल कर्मचारी पहले भी राजनीति का शिकार हो चुके हैं। कई वर्षों तक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। केबल मजदूर संघ कर्मचारियों का अपना मंच है और यह मंच किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों और कंपनी के विकास के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वेदांता का सहयोगी बनकर संघ कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा ताकि उत्पादन बढ़े, रोजगार के अवसर मजबूत हों और कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित हो सके।
केबल मजदूर संघ के संस्थापक सागर तिवारी ने कहा कि लगभग 26 वर्षों बाद कंपनी के दोबारा शुरू होने की खबर कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। वर्षों तक बंद पड़ी कंपनी के कारण हजारों परिवार कठिन परिस्थितियों से गुजरे, लेकिन अब वेदांता के आने से एक नई शुरुआत होने जा रही है। उन्होंने वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल एवं पूरे वेदांता प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निर्णय ने कर्मचारियों के मन में नई आशा का संचार किया है।
सागर तिवारी ने कहा कि केबल मजदूर संघ जल्द ही वेदांता के अधिकारियों से औपचारिक मुलाकात करेगा। इस दौरान कर्मचारियों की सभी प्रमुख मांगों, सुझावों और अपेक्षाओं को विस्तार से रखा जाएगा। साथ ही वेदांता प्रबंधन को यह भरोसा भी दिलाया जाएगा कि केबल मजदूर संघ और सभी कर्मचारी कंपनी के विकास में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल मांग रखना नहीं, बल्कि कंपनी और कर्मचारियों के बीच विश्वास का ऐसा रिश्ता बनाना है जिससे दोनों का भविष्य मजबूत हो।
बैठक में उपस्थित कर्मचारियों ने भी एक स्वर में कहा कि अब समय संघर्ष नहीं बल्कि सहयोग का है। यदि प्रबंधन और कर्मचारी मिलकर आगे बढ़ेंगे तो केबल एक बार फिर देश की अग्रणी औद्योगिक इकाइयों में अपनी पहचान स्थापित करेगी। अंत में सभी कर्मचारियों ने एकजुट रहने, संगठन को मजबूत बनाने तथा कंपनी के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।

