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Chaibasa News : टेकराहातु में बाबूलाल मरांडी ने ग्रामीणों संग सुनी ‘मन की बात’, बोले- यह सकारात्मक बदलाव का सशक्त माध्यम

बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार पर विकास के नाम पर केवल दिखावा करने का लगाया आरोप। आम जनता से भी राज्य सरकार के कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करने तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का किया आह्वान।

by Rajeshwar Pandey
Chaibasa News
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चाईबासा : पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने रविवार को चाईबासा सदर प्रखंड की टेकराहातु पंचायत में ग्रामीणों के साथ बैठकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” को सुना। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुवर गागराई, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता जे.बी. तुबिड सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के उपरांत मरांडी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में समाज में जनभागीदारी, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, नवाचार, आत्मनिर्भर भारत, युवाओं की सकारात्मक भूमिका, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने तथा देश के विकास में प्रत्येक नागरिक के योगदान पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि “मन की बात” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों को प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है।

गीता बालमुचु का कुशलक्षेम जाना, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की

दौरे के क्रम में बाबूलाल मरांडी पूर्व मंत्री बड़कुवर गागराई के आवास भी पहुंचे, जहां पारंपरिक रीति-रिवाज से उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष गीता बालमुचु के आवास जाकर उनका कुशलक्षेम जाना। ज्ञात हो कि कुछ दिन पूर्व सड़क दुर्घटना में वे घायल हो गई थीं। मरांडी ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

DMFT फंड के उपयोग पर बाबूलाल मरांडी ने उठाए सवाल

सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग दस वर्षों में पश्चिमी सिंहभूम जिले को डीएमएफटी (District Mineral Foundation Trust) के माध्यम से 3000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई है। केंद्र की मोदी सरकार ने इस फंड की स्थापना खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के उद्देश्य से की थी, लेकिन राज्य सरकार एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण इन संसाधनों का समुचित उपयोग नहीं हो सका।

हेमंत सरकार विकास के नाम पर कर रही केवल दिखावा

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं, समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पाती, रोजगार के अवसरों का अभाव है तथा युवाओं एवं महिलाओं का पलायन लगातार जारी है। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विकास के नाम पर केवल दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेश लाने के दावे किए जाते हैं, जबकि राज्य में पहले से स्थापित उद्योगों को भी बचाने में सरकार विफल रही है। झींकपानी स्थित उद्योग इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सारंडा क्षेत्र के लोगों को वन पट्टा देने में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है तथा खनन प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा भी नहीं मिल रहा है।

छह वर्षों से लघु खनिजों की नीलामी प्रक्रिया लंबित

बालू घाटों की नीलामी के संबंध में मरांडी ने कहा कि पिछले छह वर्षों से लघु खनिजों की नीलामी प्रक्रिया लंबित रखी गई है, जिससे अवैध उत्खनन को बढ़ावा मिला है और सरकार को भारी राजस्व हानि हो रही है। उन्होंने कहा कि यही स्थिति लौह अयस्क खदानों की भी है। वर्ष 2020 में शाह आयोग की रिपोर्ट के बाद बंद हुई खदानें ओडिशा में पुनः संचालित हो गईं, जबकि झारखंड में सरकार की गलत नीतियों के कारण आज भी अनेक खदानें बंद हैं और अवैध खनन जारी है।

पत्रकारों द्वारा केंद्र सरकार के हस्तक्षेप संबंधी प्रश्न पर मरांडी ने कहा कि भारत का संघीय ढांचा राज्यों के अधिकारों का सम्मान करता है। राज्य सरकार यदि किसी जांच या कार्रवाई की अनुशंसा करती है, तभी केंद्र सरकार आवश्यक कदम उठाती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार बदलने के बाद सीमा पर फेंसिंग का कार्य तेजी से आगे बढ़ा, जिसे पहले की सरकार होने नहीं दे रही थी।

सरकार युवाओं के हितों की रक्षा नहीं कर सकती

पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई कर निष्पक्ष परीक्षा दोबारा कराई, जबकि झारखंड में परीक्षा संबंधी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जाता और आवाज उठाने वालों को प्रताड़ित किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार युवाओं के हितों की रक्षा नहीं कर सकती। मरांडी ने आम जनता से भी राज्य सरकार के कार्यों का निष्पक्ष मूल्यांकन करने तथा जनहित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने का आह्वान किया।

 

प्रेस वार्ता व कार्यक्रम में भाजपा के यह थें मौजूद

बाबूलाल मरांडी के कार्यक्रमों में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। प्रेस वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, पूर्व मंत्री बड़कुवर गागराई, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता जे.बी. तुबिड, पूर्व जिला अध्यक्ष संजय पांडे, सतीश पुरी, जिला महामंत्री भूषण पाट पिंगुवा सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम का मंच संचालन जितेंद्र नाथ ओझा, जिला मीडिया प्रभारी ने किया। इस अवसर पर जिला कमेटी के पदाधिकारी एवं सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें चंदन झा, चंद्रमोहन तिऊ, रूपा दास, राजश्री बांनरा, राकेश सिंह बबलू, हेमंत केसरी, हर्स रवानी, संजय अखाड़ा, राकेश पोद्दार, तरुण सवैया इत्यादि मौजूद रहे।

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