
Jamshedpur : जमशेदपुर में रविवार को पैगंबर-ए-अकरम हजरत मोहम्मद मुस्तफा स के नवासे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का सेवम मनाया गया। इस मौके पर मजलिस का आयोजन किया गया। सुबह तकरीबन 10 बजे मानगो की जाकिर नगर इमामबारगाह में मजलिस हुई। इस मजलिस को मौलाना जकी हैदर ने खिताब किया। मौलाना जकी हैदर ने इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के मसाएब पढ़े। इसमें उनकी शहादत को याद किया गया।
मजलिस में इमाम हुसैन और उनके असहाब की शहादत के बाद के वाकए का जिक्र किया। इसे सुन कर अजादार जारो-कतार रोए। मौलाना जकी हैदर ने मजलिस में बताया कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत के बाद उनके घर की महिलाओं को यजीद ने कैद करवा लिया था। कैदियों में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के बेटे इमाम जैनुल आबेदीन भी थे। इन सब पर बहुत जुल्म किए गए। इन सबको कूफा ले जाया गया। कूफे में गवर्नर इब्ने ज्याद था। उसने अहलेबैत पर जुल्म किए। शिम्र और इब्ने साद ने भी जुल्म किए। इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की चार साल की बेटी जनाब सकीना को तमाचे मारते थे। इमाम की इस बेटी के गर्दन में रस्सी बांध दी गई थी। मसाएब के बाद नौहाखानी और सीनाजनी हुई।
दूसरी तरफ, कदमा, बिष्टुपुर आदि इलाके में भी सेवम के मौके पर लंगर और फातेहा का आयोजन किया गया। बिष्टुपुर कर्बला में भी फातेहाखानी हुई। यहां भी जिक्रे हुसैन का आयोजन हुआ। सभी लोगों में लंगर वितरित किया गया। टेल्को के बारीनगर में भी जिक्रे हुसैन हुआ और फातेहाखानी के बाद लंगर बांटा गया।
साकची में हुसैनी मिशन की इमामबारगाह में भी रविवार को साढ़े आठ बजे मजलिस होगी। इस मजलिस को भी मौलाना जकी हैदर खिताब फरमाएंगे। मजलिस के बाद नौहाखानी और सीनाजनी भी होगी। यह आखिरी मजलिस होगी।
इसके बाद, जाकिर नगर की इमामबारगाह में मजलिस का सिलसिला कुछ दिनों बाद शुरू होगा। यह सिलसिला रबीउल अव्वल की आठ तारीख तक चलेगा।

