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Pakur News : झारखंड के पाकुड़ में मां के आंचल से मासूम को उठा ले गया खूंखार सियार, दूसरे बच्चे पर भी किया हमला, दहशत में ग्रामीण

by Birendra Ojha
Pakur News
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पाकुड़ : झारखंड के पाकुड़ जिला में शुक्रवार की रात दिल दहलाने वाली घटना सामने आई। यहां सदर प्रखंड पाकुड़ के तारानगर पंचायत अंतर्गत लखीनारायणपुर गांव के लिए ऐसी काली रात बनकर आई, जिसे शायद ही गांव वाले कभी भूल पाएंगे। घर के आंगन में जहां मासूम बच्चों की किलकारियां गूंज रही थीं, वहीं कुछ ही पलों में चीख-पुकार और मातम का माहौल छा गया।

रात के अंधेरे में एक खूंखार सियार (लोमड़ी) चुपके से घर में घुसा और मां की गोद उजाड़ते हुए दो माह के मासूम बच्चे को अपना शिकार बना लिया। जानवर की दरिंदगी इतनी भयावह थी कि मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटना ने लोगों की रूह कंपा दी है। अब रात होते ही गांव के लोग अपने बच्चों को लेकर सहमें हुए हैं।


प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामचंद्रपुर निवासी मुसफेरा बीबी अपने पति समरुल शेख और बच्चों के साथ मायके लखीनारायणपुर आई हुई थी। शुक्रवार देर रात पूरा परिवार घर में गहरी नींद में सो रहा था। इसी दौरान एक जंगली सियार घर में घुस आया। किसी को भनक तक नहीं लगी और जानवर दो माह के मासूम को उठाकर उसपर हमला करने लगा। जब तक परिजन कुछ समझ पाते, तब तक मासूम की सांसें थम चुकी थीं। परिजनों के अनुसार, मासूम को शिकार बनाने के बाद भी जंगली जानवर का आतंक नहीं रुका।

वह घर में मौजूद दूसरे बच्चे की ओर बढ़ गया। तभी करीब तीन वर्षीय बच्चे की तेज चीख सुनकर परिवार के लोग जाग गए। घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों ने शोर मचाया और जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। लोगों की आवाज सुनते ही सियार वहां से भाग निकला, लेकिन तब तक दूसरा बच्चा भी घायल हो चुका था। घटना के तुरंत बाद घायल बच्चे को पाकुड़ स्थित सदर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे की स्थिति खतरे से बाहर बताई है।

हालांकि घटना के बाद परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। इधर, ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई थी, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह इंसानी बस्ती में घुसकर मासूम बच्चों पर हमला कर देगा। घटना के बाद गांव के लोग बेहद डरे हुए हैं। कई परिवारों ने रात में बच्चों को अकेला छोड़ना बंद कर दिया है।

ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रशासन से तत्काल इलाके में विशेष निगरानी अभियान चलाने, जंगली जानवर को पकड़ने तथा गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में और भी बड़ी घटना हो सकती है।

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