Home » Voter List Revision : फर्जी घोषणा देकर वोटर बनने की कोशिश पर होगी कानूनी कार्रवाई एसआईआर अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के सख्त निर्देश

Voter List Revision : फर्जी घोषणा देकर वोटर बनने की कोशिश पर होगी कानूनी कार्रवाई एसआईआर अभियान को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के सख्त निर्देश

by Nikhil Kumar
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान फर्जी घोषणा, गलत जानकारी या झूठे दस्तावेज के आधार पर मतदाता बनने की कोशिश करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कराई जाए और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ प्रचलित कानून के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने वोलेंटियर्स को भी निर्देश दिया है कि यदि उनके संज्ञान में कोई संदिग्ध मामला आता है तो उसे तत्काल एईआरओ, ईआरओ या जिला निर्वाचन पदाधिकारी के समक्ष लाया जाए।

आवश्यकता के आधार पर कर्मियों की होती है प्रतिनियुक्ति
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने एसआईआर अभियान में लगाए गए वोलेंटियर्स की भूमिका और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करते हुए कहा कि निर्वाचन कार्यों के लिए केवल निर्वाचन सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त नहीं होती। ऐसे में चुनाव से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यकता के अनुसार अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की प्रतिनियुक्ति की जाती है। विशेष परिस्थितियों में, जहां अन्य कर्मियों की उपलब्धता नहीं होती, वहां शिक्षकों को भी वोलेंटियर के रूप में लगाया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि विद्यार्थियों की पढ़ाई सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी कारण शिक्षकों की तैनाती न्यूनतम स्तर पर की गई है।
शिक्षकों का कार्य विद्यार्थियों को शिक्षित करना लेकिन लोकतंत्र की मजबूती के लिए निर्वाचन कार्य भी जरूरी

उन्होंने कहा कि शिक्षकों का दायित्व विद्यार्थियों को शिक्षित करना है, लेकिन लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना भी उतना ही आवश्यक है, ताकि कोई भी नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। के. रवि कुमार ने बताया कि उनके हालिया क्षेत्रीय दौरों में कई ऐसे मामले सामने आए, जहां विशेषकर प्रवासी मजदूर और जनजातीय समुदाय के लोग केवल आधार कार्ड जैसे पहचान दस्तावेज नहीं होने के कारण अब तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिक होना, 18 वर्ष की आयु पूरी करना और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना ही मूल शर्त है। कई अन्य दस्तावेज भी मान्य हैं और विशेष परिस्थितियों में सुनवाई के बाद पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है।

वोलेंटियर्स बीएलओ के साथ मिलकर अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान करेंगे

निर्देश के अनुसार वोलेंटियर्स बीएलओ के साथ मिलकर अनमैप्ड मतदाताओं की पहचान करेंगे, उनके नाम पिछली मतदाता सूची में खोजने में सहायता करेंगे तथा आवश्यक दस्तावेजों के साथ इन्यूमरेशन फॉर्म और फॉर्म-6 भरवाने में सहयोग करेंगे। साथ ही 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले नए मतदाताओं के नामांकन में भी मदद करेंगे। बीएलओ-बीएलए-2 बैठकों की कार्यवाही का रिकॉर्ड तैयार करने, एएसडीडी सूची को अंतिम रूप देने में सहयोग करने और मतदाता जागरूकता से जुड़े पोस्टर व पर्चों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की जिम्मेदारी भी वोलेंटियर्स को सौंपी गई है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि किसी बीएलओ को स्वास्थ्य, पारिवारिक या तकनीकी कारणों से कार्य करने में कठिनाई हो या उस पर किसी अपात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए दबाव बनाया जा रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित निर्वाचन अधिकारियों को दी जाए। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वोलेंटियर्स किसी भी परिस्थिति में बीएलओ ऐप पर डेटा एंट्री या उसके संचालन का कार्य नहीं करेंगे। यदि किसी बीएलओ को तकनीकी सहायता की आवश्यकता होगी तो उसके लिए अलग से व्यवस्था की जाएगी।

Related Articles

Leave a Comment