
चाईबासा : तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे से प्रभावित झारखंड के 14 श्रमिक आज सुरक्षित अपने गृह जिला पश्चिमी सिंहभूम लौट आए हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कड़े निर्देश और श्रम विभाग व जिला प्रशासन के त्वरित एक्शन के बाद इन सभी श्रमिकों की सकुशल घर वापसी संभव हो सकी है।
चक्रधरपुर स्टेशन पर प्रशासन ने की अगवानी
सभी श्रमिक रेल मार्ग से राउरकेला होते हुए चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। श्रमिकों के आने से पहले ही पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन की एक विशेष टीम स्टेशन पर मुस्तैद थी। जैसे ही श्रमिक ट्रेन से उतरे, प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया, उनका कुशलक्षेम जाना और उन्हें ढाढस बंधाया।
मुफ्त वाहन और फूड बास्केट की व्यवस्था
चक्रधरपुर स्टेशन पर ही प्रशासन द्वारा सभी 14 श्रमिकों की थर्मल स्क्रीनिंग और प्राथमिक जांच के बाद उनके घर तक जाने के लिए सरकारी वाहनों की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही, घर लौटने पर उन्हें तुरंत किसी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रत्येक श्रमिक को राशन और जरूरी खाद्य सामग्रियों से भरी एक-एक ‘फूड बास्केट’ भी सौंपी गई।
सरकार ने दिखाई संवेदनशीलता
गौरतलब है कि तमिलनाडु के तिरुवल्लूर स्थित एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में अमोनिया गैस रिसाव की बड़ी घटना हुई थी, जिससे वहां काम कर रहे झारखंड के 42 मजदूर सहम गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद संज्ञान लिया और श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग को तुरंत एक्शन मोड में आने को कहा।
झारखंड सरकार और तमिलनाडु के स्थानीय अधिकारियों के बीच लगातार चले समन्वित प्रयासों और प्रशासनिक तालमेल के कारण ही महज कुछ दिनों के भीतर ही सभी प्रभावित श्रमिकों को वहां से रेस्क्यू कर सुरक्षित उनके वतन रवाना कर दिया गया। गृह जिला पहुंचने पर श्रमिकों और उनके परिजनों ने झारखंड सरकार व जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।

