
रांची : झारखंड में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है, जिससे राज्य में बारिश की कमी लगातार चिंता बढ़ा रही है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 3 जुलाई तक राज्य में सामान्य से करीब 45 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में अपेक्षित वर्षा नहीं होने से खेती-किसानी पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक मौसम में बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 7 जुलाई से मानसून फिर सक्रिय होगा और पूरे झारखंड में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
झारखंड मौसम 4 जुलाई : सामान्य से 45 प्रतिशत कम बारिश
मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 3 जुलाई के बीच झारखंड में केवल 117.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि में इससे कहीं अधिक वर्षा सामान्य मानी जाती है। इस तरह राज्य में अब तक करीब 45 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है। राजधानी रांची में भी सामान्य की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। बारिश की कमी के कारण कई इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है और मानसून के अगले चरण का इंतजार किया जा रहा है।
झारखंड के आधे हिस्से में अगले चार दिन सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले चार दिनों तक झारखंड के कुछ हिस्सों में ही मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी। विशेष रूप से संथाल परगना, कोल्हान क्षेत्र और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। इस दौरान तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, जिससे दिन में सामान्य गर्मी बनी रह सकती है, जबकि कहीं-कहीं हल्की बारिश से उमस में राहत मिलेगी।
मेदिनीनगर में सबसे अधिक बारिश, रांची में हल्की फुहार
पिछले 24 घंटों के दौरान झारखंड के अलग-अलग जिलों में अलग-अलग मात्रा में बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक 54.4 मिलीमीटर वर्षा मेदिनीनगर में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा चक्रधरपुर में 32 मिलीमीटर, पूर्वी सिंहभूम में 27.4 मिलीमीटर और दुमका में 24.6 मिलीमीटर बारिश हुई। राजधानी रांची में केवल 2.6 मिलीमीटर हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं अधिकतम तापमान के मामले में पाकुड़ सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 35.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
7 जुलाई से झारखंड में तेज बारिश का नया दौर
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, 7 जुलाई से झारखंड में मानसून दोबारा मजबूत होगा। राज्य के अधिकांश जिलों में घने बादल छाने के साथ व्यापक बारिश होने की संभावना है। 7 और 8 जुलाई के दौरान कई इलाकों में लगातार अच्छी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे अब तक की वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है। मौसम विभाग का मानना है कि इस दौरान पूरे राज्य में मानसून का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
गरज-चमक और वज्रपात को लेकर सतर्क रहने की सलाह
बारिश के नए दौर के साथ कई जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। गरज-चमक के समय सुरक्षित भवनों में रहने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की अपील की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

