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Betla National Park: बेतला व पलामू किला में अब बिना गाइड एंट्री बंद, बाइक भी बैन… जानिए क्यों लेना पड़ा सख्त फैसला

पलामू टाइगर रिजर्व प्रशासन ने किले के आसपास के वन्य क्षेत्र में पर्यटकों के बाइक ले जाने पर रोक लगा दी है। अब कोई भी पर्यटक बिना गाइड के जंगल और किला क्षेत्र में नहीं घूम पाएगा।

by Kanchan Kumar
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​लातेहार : अगर आप पलामू किला घूमने जाने की सोच रहे हैं, तो नए नियम को जान लेना बहुत जरूरी है। पलामू टाइगर रिजर्व प्रशासन ने किले के आसपास के वन्य क्षेत्र में पर्यटकों के बाइक ले जाने पर रोक लगा दी है। अब कोई भी पर्यटक बिना गाइड के जंगल और किला क्षेत्र में नहीं घूम पाएगा।

पर्यटकों की लापरवाही आई सामने

यह कड़ा फैसला कुछ पर्यटकों की लापरवाही की वजह से लेना पड़ा। हाल ही में कुछ लोग बाइक लेकर जंगल के प्रतिबंधित इलाके में घुस गए थे। उन्होंने वहां सोशल मीडिया पर रील्स बनाने के लिए एक हिरण का पीछा किया, उसका वीडियो बनाया और उसे इंटरनेट पर डाल दिया।
​यह वीडियो सामने आने के बाद वन्यजीव प्रेमियों और आम लोगों ने इस पर नाराजगी जताई। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए नियमों को बदल दिया। प्रशासन का साफ कहना है कि जंगल मनोरंजन की जगह नहीं, बल्कि जानवरों का घर है। वहां की शांति भंग करने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।

जानवरों की सुरक्षा है मुख्य वजह

​झारखंड की ऐतिहासिक धरोहर माना जाने वाला पलामू किला करीब 680 एकड़ में फैला है। इसे 16वीं-17वीं शताब्दी में चेरो वंश के राजाओं ने बनवाया था। यहां हाथी, बाघ, भालू और बाइसन जैसे खतरनाक जंगली जानवर रहते हैं।

​प्रशासन के अनुसार, बाइक और गाड़ियों के शोर से जानवर डर जाते हैं और अपना घर छोड़कर दूसरी तरफ भागते हैं। इसके अलावा, बिना गाइड के घने जंगल में जाना पर्यटकों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।
​नए नियम में अब जंगल और किला क्षेत्र में अब निजी बाइक या गाड़ियां ले जाना पूरी तरह बंद है। बेतला नेशनल पार्क और पलामू किला घूमने के लिए अब सरकारी गाइड को साथ रखना अनिवार्य होगा। जंगल में गंदगी फैलाने और जानवरों को परेशान करने पर सख्त मनाही है।
​पीटीआर के निदेशक ने अपील की है कि सभी लोग वन्यजीव संरक्षण कानून का पालन करें। नियमों को तोड़ने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को उम्मीद है कि इन नए नियमों से पर्यटन भी सुरक्षित होगा और जंगल के जानवर भी सुरक्षित रहेंगे।

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