
रांची: झारखंड सरकार ने सरकारी कर्मियों को समय पर प्रोन्नति देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने विभागीय प्रोन्नति समिति (डीपीसी) के गठन और उसकी कार्यप्रणाली से जुड़े वर्ष 2003 के संकल्प में संशोधन करते हुए अब प्रत्येक वर्ष जून या जुलाई महीने में विभागीय प्रोन्नति समिति की बैठक आयोजित करना अनिवार्य कर दिया है।
सरकार की ओर से जारी नए संकल्प के अनुसार डीपीसी की बैठक वास्तविक रिक्तियों के आधार पर तथा आरक्षण रोस्टर का पालन करते हुए आयोजित की जाएगी। रिक्तियों का निर्धारण करने के बाद आरक्षण रोस्टर तैयार कर सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन लिया जाएगा। इसके बाद डीपीसी की अनुशंसा के आधार पर सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति लेकर प्रोन्नति की अधिसूचना जारी की जाएगी। बता दे कि पहले जब भी वैकेंसी मिलती थी प्रमोशन का मीटिंग हो जाता था और योग्य कर्मियों को प्रमोशन मिल जाता था। सचिवालय सहित कई कर्मियों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से कई अधिकारी, कर्मी प्रमोशन से वंचित भी हो सकते हैं।
सरकार ने कहा है कि वर्ष 2003 के संकल्प में डीपीसी की बैठक कब और कितनी बार होगी, इसका स्पष्ट प्रावधान नहीं था। इसके कारण कई विभागों में वर्षों तक प्रोन्नति लंबित रहती थी और इससे न्यायालयों में विवाद भी बढ़ रहे थे। नई व्यवस्था से सभी विभागों में प्रोन्नति की प्रक्रिया एक समान और समयबद्ध हो सकेगी।
यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस प्रस्ताव को 2 जुलाई 2026 को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी मिली थी। सरकार ने आदेश दिया है कि इस संकल्प को झारखंड राजपत्र के असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाए तथा इसकी प्रति सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों और उपायुक्तों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी।

