
Jamshedpur : जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडीबार एंड कैफे के बाहर 27 जून की रात आदित्यपुर के रहने वाले करणी सेना के अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने बुधवार को बार मालिक भाजपा नेता नीरज सिंह को जेल भेज दिया है। जेल भेजने से पहले पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर नीरज सिंह को पत्रकारों के सामने पेश किया गया। उनके साथ इस मामले में दो अन्य आरोपियों को भी जेल भेजा गया है।

इससे पहले पुलिस अपनी जीप में नीरज सिंह को एमजीएम अस्पताल ले गई। यहां नीरज सिंह का मेडिकल चेकअप कराया गया।
इस मामले में पुलिस ने नीरज सिंह के साथ ओडिशा के मयूरभंज जिले के बहलदा थाना क्षेत्र के सिजुकोला गांव के रहने वाले सुदर्शन मंडल उर्फ लालटू और इसी थाना क्षेत्र के दालसोरा के रहने वाले राजेश मंडल को भी जेल भेजा है। इनके पास से पुलिस ने तीन मोबाइल फोन भी बरामद किया है। यह दोनों आरोपी घटना वाले दिन घटनास्थल पर मौजूद थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसएसपी एहतेशाम वकारिब ने बताया कि 27 जून की रात लगभग 11:30 बजे बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के डीडी बार के बाहर चापड़ से जानलेवा हमला कर हिमांशु सिंह और उसके साथी प्रत्यूष सिंह को घायल कर दिया गया था। बाद में इलाज के दौरान हिमांशु सिंह ने दम तोड़ दिया था। इस हत्याकांड का खुलासा करने के लिए गठित एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्य का सहारा लिया।
सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। मुखबिरों को लगाया गया। गहन छानबीन करने के बाद लगातार छापामारी अभियान चलाकर डीडी बार के मालिक नीरज सिंह को राजस्थान के सीकर जिले के खाटू श्याम मंदिर के पास से गिरफ्तार किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर उसे जमशेदपुर लाया गया। इस मामले में पुलिस ने तफ्तीश की तो पता चला कि ओडिशा के रहने वाले आरोपी सुदर्शन मंडल उर्फ लालटू और राजेश मंडल का भी इस हत्याकांड में हाथ है। इसके बाद इन लोगों को ओडिशा के रायरंगपुर से गिरफ्तार किया गया।
नीरज सिंह का है आपराधिक इतिहास
एसएसपी ने बताया कि डीडी बार हत्याकांड में गिरफ्तार भाजपा नेता नीरज सिंह का आपराधिक इतिहास है। उस पर कदमा थाने में मारपीट और जान से मारने की धमकी के आरोप में एक नवंबर साल 2022 को केस दर्ज किया गया था। यह केस एससी एसटी का है।
नीरज सिंह के खिलाफ है पर्याप्त सुबूत
एसएसपी ने बताया कि डीडी बार हत्याकांड में बार मालिक नीरज सिंह के खिलाफ पर्याप्त सुबूत हैं। पुलिस ने पहले उनके खिलाफ सुबूत जुटाए थे। इसके बाद इन सुबूतों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से नीरज सिंह के खिलाफ वारंट लेने के बाद राजस्थान से नीरज सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में पता चला है कि नीरज सिंह ने सोनारी के राहुल दुबे को घटना वाली रात घटना से पहले फोन किया था। नीरज सिंह के फोन के कॉल डिटेल से पता चला है कि वह घटना के मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल के संपर्क में भी थे।
गौरतलब है कि बुधवार को आज ही इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल ने कोर्ट में सरेंडर किया है। विश्वनाथ मंडल पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित है।
नियमों के विरुद्ध कस्टडी में रखने का आरोप
भाजपा नेता नीरज सिंह के अधिवक्ता ने आरोप लगाया है कि पुलिस मंगलवार सात जुलाई को पौने एक बजे नीरज को लेकर जमशेदपुर पहुंच गई थी। अधिवक्ता ने बताया कि ट्रांजिट रिमांड में जो चार दिन की कस्टडी दी गई थी वह इसलिए नहीं है कि पुलिस नीरज को जमशेदपुर में अपनी कस्टडी में रख कर पूछताछ करे। अधिवक्ता का कहना है कि पुलिस ने मंगलवार की शाम से लेकर बुधवार को शाम तक नीरज सिंह को नियमों के विरुद्ध अपनी कस्टडी में रखा है। अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने पुलिस के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दे दी है और पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि पुलिस नीरज सिंह को अपनी कस्टडी में नहीं रख सकती थी। उन्हें जमशेदपुर पहुंचते ही मंगलवार को ही नीरज को कोर्ट में पेश करना चाहिए था। यही नहीं, नीरज सिंह की पत्नी अपने पति से मिलना चाहती थी। मगर, पुलिस ने पत्नी संध्या सिंह कोभी नीरज से नहीं मिलने दिया था। बताया जा रहा है कि कोर्ट में उनकी अधिवक्ता की अर्जी के बाद पुलिस ने आनन-फानन में नीरज को अदालत में पेश किया है।

