
Chaibasa : पश्चिमी सिंहभूम जिले में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को बांटे जा रहे राशन में एक बड़ी लापरवाही उजागर होने के बाद हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री दाल वितरण योजना के तहत लाभुकों को कीड़े (घुन) लगी और एक्सपायरी डेट पार कर चुकी चना दाल बांटे जाने की शिकायत पर जिला आपूर्ति विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने इस मामले में एजीएम (AGM) कार्यालय से लेकर संबंधित राशन दुकानों तक विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
विभागीय स्तर पर जांच तेज, दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी सविता टोपनो ने बताया कि इस गड़बड़ी के संबंध में एजीएम से जवाब तलब करते हुए एक प्रतिवेदन मांगा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आते ही यह साफ हो जाएगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने चेतावनी दी है कि गरीबों के निवाले के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर कड़ी से कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी भरोसा दिलाया है कि भविष्य में केवल उच्च गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री का वितरण ही सुनिश्चित किया जाएगा।

‘द फोटोन न्यूज’ के खुलासे के बाद जागा प्रशासन
गौरतलब है कि इस गंभीर लापरवाही को द फोटोन न्यूज ने प्रमुखता से उजागर किया था। खबर के अनुसार चाईबासा के मिशनहाता मोहल्ले और चक्रधरपुर के तंबाकू पट्टी रोड स्थित पीडीएस दुकानों से जब लाभुकों को चना दाल के पैकेट मिले, तो उन्हें खोलते ही लोग दंग रह गए। पैकेटों के भीतर बड़े पैमाने पर घुन लगे हुए थे और उन पर छपी एक्सपायरी डेट भी काफी समय पहले खत्म हो चुकी थी। इस सड़े हुए राशन के कारण कई गरीब परिवारों को मजबूरी में दाल फेंकनी पड़ी, जिससे स्थानीय निवासियों में जिला प्रशासन और विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है।

पूरे जिले में खराब सप्लाई की आशंका, बड़े एक्शन की तैयारी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह समस्या सिर्फ चाईबासा या चक्रधरपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे जिले में इसी खेप की घटिया और अमानक दाल की आपूर्ति किए जाने की पुख्ता सूचना है। स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि जब जिला मुख्यालय और जागरूक शहरी क्षेत्रों में राशन वितरण की यह बदहाल स्थिति है, तो सुदूर ग्रामीण और नक्सल प्रभावित इलाकों में गरीबों को कैसा राशन मिल रहा होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।फिलहाल, विभाग इस पूरे नेटवर्क पर पैनी नजर बनाए हुए है और सूत्रों का दावा है कि जांच पूरी होते ही खाद्य आपूर्ति विभाग इस सिंडिकेट पर एक बहुत बड़ा एक्शन ले सकता है।

