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Chaibasa News : राजस्थान में तैनात BSF जवान महेंद्र तिरिया का निधन, चाईबासा के अस्पताल में ली अंतिम सांस

परिजनों के मुताबिक जवान महेंद्र तिरिया लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित थे। ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई और शुगर लेवल अत्यधिक बढ़ गया।

by Rajeshwar Pandey
Chaibasa News
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चाईबासा : सीमा सुरक्षा बल (BSF) के 57 वर्षीय जवान महेंद्र तिरिया का शुक्रवार को चाईबासा के एक निजी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे मूल रूप से चाईबासा जिले के मझगांव थाना क्षेत्र के धोबा धोबी गांव के रहने वाले थे और वर्तमान में राजस्थान के जैसलमेर के रामगढ़ में बीएसएफ की 26वीं बटालियन में अपनी सेवाएं दे रहे थे। वे 1988 बैच के है, वर्तमान में वे इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। शनिवार को सदर अस्पताल में उनका पोस्टमार्टम कराया गया।

ड्यूटी के दौरान बिगड़ी थी तबीयत

परिजनों के मुताबिक जवान महेंद्र तिरिया लंबे समय से डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित थे और उनका नियमित इलाज चल रहा था। राजस्थान में ड्यूटी के दौरान अचानक उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई और शुगर लेवल अत्यधिक बढ़ गया। इसके बाद विभाग द्वारा उन्हें तत्काल छुट्टी देकर घर भेजा गया। वे बीते 6 जुलाई को चाईबासा लौटे थे, लेकिन घर पहुंचते ही उनकी स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत स्थानीय नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद शुक्रवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

बीएसएफ से पहुंचे जवान दिया गार्ड ऑफ़ ऑनर

जवान महेंद्र के निधन की खबर मिलते ही बीएसएफ के जवान चाईबासा पहुंच गए हैं। उन्होंने पूरे सम्मान के साथ अपने साथी जवान महेंद्र तिरिया को पूरे विधि विधान से चाईबासा में उन्हें सम्मान देते हुए तिरंगा में लपेटकर गार्ड ऑफ़ ऑनर दिया। इसके बाद उन्हें उनके परिजन गांव लेकर चले गए।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, कराया पोस्टमार्टम

जवान के निधन की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस तुरंत नर्सिंग होम पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर विधिक प्रक्रिया शुरू की। थाना पुलिस के अनुसार मौत के सही और स्पष्ट कारणों का पता लगाने के लिए शनिवार को सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद पार्थिव शरीर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने फिलहाल अस्वाभाविक मौत दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

गांव और बटालियन में शोक की लहर

एक कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार सैनिक के रूप में पहचाने जाने वाले महेंद्र तिरिया के आकस्मिक निधन से उनके पैतृक गांव और बीएसएफ बटालियन में शोक की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों ने बताया कि महेंद्र जब भी छुट्टी पर घर आते थे, तो गांव के नौजवानों को देश सेवा और अर्धसैनिक बलों में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे।

पीछे रह गए पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा

वे अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इस दुखद घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरा इलाका इस वीर जवान को नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहा है।

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