
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक दुरुस्त करने तथा नक्सलियों को जड़ से खत्म करने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी रणनीति बेहद सख्त कर दी है। डीजीपी (DGP) की बैठक के दूसरे दिन शनिवार को समाहरणालय सभागार में जुन, जुलाई माह की उच्च स्तरीय क्राइम मीटिंग आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के तमाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और थाना प्रभारी शामिल हुए। एसपी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले में अपराधियों और अवैध गतिविधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (कतई बर्दाश्त नहीं करने) की नीति लागू रहेगी।
गंभीर मामलों की समीक्षा और त्वरित कार्रवाई के निर्देश
समाहरणालय सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान जिले में हुए हत्या, आर्म्स एक्ट, मादक पदार्थ (NDPS Act), पॉक्सो (POCSO) और एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट से जुड़े मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। एसपी अमित रेनू ने सभी अनुसंधान अधिकारियों (आईओ) को निर्देश दिया कि वे गंभीर मामलों की जांच तेजी से पूरी करें, ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द अदालत से सजा दिलाई जा सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करना ही अपराध नियंत्रण का सबसे प्रभावी जरिया है।
अपराधियों की सूची होगी अपडेट, चलेगा विशेष अभियान
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निम्नलिखित कदम उठाने के कड़े निर्देश दिए कि अपराधियों पर नजर, सक्रिय अपराधियों, जेल से छूटे बदमाशों और फरार आरोपियों की सूची को नियमित रूप से अपडेट किया जाए। साथ ही लंबित वारंट और कुर्की-जब्ती के मामलों के निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाकर वांछित अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। संवेदनशील इलाकों में नियमित रात्रि गश्ती, पैदल गश्ती और सघन वाहन जांच अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
हब्बा-डब्बा और अवैध कार्यों पर तुरंत एक्शन
एसपी अमित रेनू ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि क्षेत्र में ‘हब्बा-डब्बा’ (अवैध जुआ) या किसी भी तरह की अवैध और गलत गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसी किसी भी गतिविधि की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत और सख्त कार्रवाई करेगी।
बेहतर काम पर इनाम, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
बैठक के समापन पर एसपी ने सभी अधिकारियों को टीम भावना (टीम वर्क) के साथ काम करने और आम जनता को एक सुरक्षित माहौल देने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो पुलिस अधिकारी बेहतर काम करेंगे, उन्हें प्रोत्साहित और पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर अपने काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।इस क्राइम मीटिंग में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस निरीक्षक , थाना प्रभारी और विभिन्न विशेष शाखाओं के प्रभारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

