
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सेल (SAIL) की चिड़िया दुबिल खदान में पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से जारी गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच हुई मैराथन बातचीत के बाद ग्रामीणों ने शनिवार दोपहर 12 बजे अपना धरना समाप्त करने का एलान किया। हालांकि, ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल 3 महीने का संघर्ष विराम है, अगर तय समय में वादे पूरे नहीं हुए तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।
3 घंटे की वार्ता में बनी सहमति
शनिवार को आंदोलन स्थल पर प्रशासनिक और पुलिस महकमे के आला अधिकारी पहुंचे, जिनमें मुख्य रूप से मनोहरपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) शक्ति कुंज, अंचलाधिकारी (CO) प्रदीप कुमार, डीएसपी डेविड डोडराय समेत स्थानीय थाना प्रभारी शामिल थे। अधिकारियों ने करीब तीन घंटे तक ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर उन्हें भरोसा दिलाया, जिसके बाद ग्रामीण मौखिक समझौते पर राजी हुए।
प्रमुख शर्तें और अल्टीमेटम
वार्ता के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक, फिलहाल तात्कालिक राहत के रूप में ठेका कंपनी के जरिए 10 से 15 स्थानीय बेरोजगारों को तुरंत रोजगार देने की बात कही गई है।
ग्रामीणों ने अपनी अन्य मुख्य मांगों को लेकर रुख कड़ा रखा है।
मुख्य मांगें:स्थानीय युवाओं को रोजगार, उचित मुआवजा और प्रभावित क्षेत्र में बुनियादी जन-सुविधाओं का विस्तार।
3 महीने की समय-सीमा:प्रबंधन और ठेका कंपनियों को सभी मांगों पर लिखित और ठोस निर्णय लेने के लिए 90 दिनों का समय दिया गया है।
चेतावनी:यदि तीन महीने के भीतर सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो ग्रामीण फिर से उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
सुचारू रूप से शुरू होगा खनन कार्य
पिछले 16 दिनों से जारी इस चक्काजाम और धरने के कारण दुबिल माइंस में खनन का काम पूरी तरह ठप पड़ा था, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हो रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीणों की जायज मांगों को लेकर वे सेल प्रबंधन के साथ लगातार संपर्क में हैं और जल्द ही इसका एक स्थाई समाधान निकाल लिया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल है और माइंस में कामकाज दोबारा शुरू होने की उम्मीद है।

