
चाईबासा : विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से सदर अस्पताल परिसर स्थित नर्सिंग कौशल कॉलेज में परिवार स्वास्थ्य मेला-2026′ का भव्य आयोजन किया गया। जिला उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस मेले का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को परिवार नियोजन, जनसंख्या स्थिरीकरण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।
प्रदर्शनी और परामर्श केंद्रों के जरिए दी गई जानकारी
मेले के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई विशेष स्टॉल और परामर्श केंद्र लगाए गए थे। यहां लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी व अस्थायी तौर-तरीकों, छोटे परिवार के फायदों और बच्चों के जन्म में सही अंतराल रखने के वैज्ञानिक तरीकों की विस्तार से जानकारी दी गई।
बच्चों में हो सही अंतराल, तभी हो परिवार का कल्याण
उपायुक्त मनीष कुमार ने एक नया नारा देते हुए कहा कि बच्चों में हो सही अंतराल, तभी हो परिवार का कल्याण। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक स्वस्थ और समृद्ध समाज की नींव परिवार नियोजन पर ही टिकी है। इससे न केवल माँ और बच्चे की सेहत सुधरती है, बल्कि पूरे परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति भी मजबूत होती है। डीसी ने आम जनता से अपील की कि वे हिचकिचाहट छोड़कर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ उठाएं।
एक महीने तक चलेगा जागरूकता पखवाड़ा
उपायुक्त ने बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2026 के लिए जब बच्चों में सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल थीम तय की गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए चाईबासा जिले में 11 जुलाई से 10 अगस्त 2026 तक ‘जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा चलाया जा रहा है। इस एक महीने के दौरान पूरे जिले में जागरूकता कार्यक्रम, विशेष स्वास्थ्य शिविर और परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे।
सिविल सर्जन ने गिनाईं चुनौतियां, बेहतर काम करने वाले हुए सम्मानित
मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ. जूझार मांझ ने बढ़ती आबादी से पैदा होने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डाला और लोगों से ‘छोटा परिवार, सुखी परिवार’ की सोच अपनाने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त द्वारा ‘फैमिली प्लानिंग’ और ‘मिशन उदय 2.0’ के तहत बेहतरीन सेवाएं देने वाले जिले के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी, चिकित्सक, नर्सिंग कौशल कॉलेज के प्राचार्य, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में एएनएम व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे।

