
रांची : रांची के रातू थाना क्षेत्र में अंगीठी के धुएं से परिवार के दो लोगों की मौत हो गई। वहीं दो की हालत गंभीर बनी है। रातू के चटकपुर इलाके में शुक्रवार रात कमरे के अंदर कोयले का चूल्हा जलता हुआ छोड़कर परिवार के सदस्य सोने चले गए। कमरे में ही एक महिला और उसके ढाई साल के मासूम बच्चे ने दम तोड़ दिया। वहीं, परिवार के दो अन्य सदस्यों की हालत नाजुक बनी हुई है, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मूल रूप से बिहार के छपरा की रहने वाली 40 वर्षीय पिंकी देवी चटकपुर में एक किराए के मकान में रह रही थीं। घर में उनके दो छोटे बच्चे और 17 साल की ननद भी साथ थीं।
शुक्रवार की रात पिंकी देवी ने कमरे के भीतर ही कोयले के चूल्हे (अंगीठी) पर खाना बनाया था। भोजन करने के बाद पिंकी जलते हुए चूल्हे को बाहर निकालना भूल गईं। फिर कमरे का दरवाजा और खिड़कियां अंदर से पूरी तरह बंद करके सो गईं। सुबह कमरे में बेहोश मिले सभी लोग।
शनिवार सुबह देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर हुआ संदेह
शनिवार की सुबह जब काफी देर तक पिंकी के कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो आसपास के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। पड़ोसियों ने किसी तरह दरवाजा खोला तो अंदर का नजारा देखकर दंग रह गए। कमरे के भीतर पिंकी देवी, उनके दोनों बच्चे और ननद चारों बेहोशी की हालत में पड़े थे। स्थानीय लोगों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत सभी को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।
डॉक्टरों ने दो को किया मृत घोषित
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने पिंकी देवी और उनके ढाई साल के बेटे को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का कहना है कि बंद कमरे में कोयले के धुएं से बनी जहरीली गैस (कार्बन मोनोऑक्साइड) के कारण दोनों का दम घुट गया और अस्पताल लाने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। इस हादसे में पिंकी की साढ़े तीन साल की बेटी और उनकी 17 वर्षीय ननद की सांसें तो चल रही हैं, लेकिन उनकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। फिलहाल डॉक्टर दोनों को बचाने की कोशिश में जुटे हैं। पुलिस ने मामले की जानकारी जुटाकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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