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Chaibasa News : 27 जुलाई की चाईबासा बंदी वापस, जिला प्रशासन ने आदिवासी संगठनों से की वार्ता

Chaibasa News : मझगांव मामले में त्वरित कार्रवाई का प्रशासन ने दिया आश्वासन, 10 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आदिवासी समुदाय ने दी वृहद आंदोलन की चेतावनी

by Rajeshwar Pandey
Chaibasa Bandh Called Off After Talks Between District Administration and Tribal Organizations
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के मझगांव मारपीट मामले को लेकर उत्पन्न तनाव के बीच रविवार को पिल्लई हॉल, चाईबासा में जिला प्रशासन और आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधियों के बीच संवाद बैठक आयोजित हुई। बैठक के बाद 27 जुलाई 2026 को प्रस्तावित पश्चिमी सिंहभूम बंद को वापस लेने का फैसला लिया गया। बंद वापस लिए जाने की घोषणा मानकी मुंडा संघ के केंद्रीय अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा ने सभी संगठनों की सहमति से की। हालांकि, 10 दिन में कार्रवाई नहीं होने पर आदिवासी समुदाय ने वृहद आंदोलन की चेतावनी भी दी।

सैकड़ों ग्रामीण और जनप्रतिनिधि हुए शामिल

संवाद कार्यक्रम में कोल्हान के मानकी, मुंडा, डाकुवा, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, छात्र, सेवानिवृत्त कर्मी, आदिवासी बुद्धिजीवी और आम नागरिक मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य मझगांव प्रकरण सहित अन्य मुद्दों पर प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर आपसी विश्वास और सौहार्द को मजबूत करना था।

पुलिस अधिकारियों ने दिया आश्वासन

जगन्नाथपुर एसडीपीओ राफेल मुर्मू ने कहा कि मझगांव मारपीट मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है। बहुत जल्द सभी आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेजे जाएंगे। उन्होंने शांति बनाए रखने में सहयोग की अपील की। सदर एसडीपीओ बहामन टूटी ने बताया कि 15 जुलाई को मझगांव थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। गिरफ्तारी में थोड़ा समय लग रहा है क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है। उन्होंने कहा कि दूसरे पक्ष से भी आवेदन मिला है जिसकी जांच हो रही है। मझगांव थाना प्रभारी से लापरवाही के कारण उन्हें हटाया जा चुका है। उन्होंने गांव-गांव में हो रही बैठकों को सामाजिक समरसता के लिए हानिकारक बताया।

एसडीओ ने कहा – 2-3 दिन में गिरफ्तारी

सदर एसडीओ सह कोल्हान अधीक्षक संजय कुमार ने कहा कि दो-तीन दिनों के अंदर सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे। उन्होंने कहा कि जिले में 1400 मानकी-मुंडा कार्यरत हैं और शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी उनकी भी है। मानकी-मुंडाओं को प्राप्त फौजदारी शक्तियों को पहचानने की जरूरत है।

पीड़ित पक्ष ने रखी अपनी बात

पीड़ित प्रदीप हेंब्रम ने कहा कि 1989 से ही सामाजिक समरसता बिगड़ रही है। पांडुकी देशाऊली को अपवित्र किया जा रहा है जो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हाट-बाजारों में भी आदिवासियों को प्रताड़ित किया जाता है।मानकी मुंडा संघ के उपाध्यक्ष कालीचरण बिरुवा और इपिल सामड ने मांग की कि सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी हो। उन्होंने कहा कि मझगांव में बार-बार मारपीट और मवेशी चोरी की घटनाएं हो रही हैं लेकिन पुलिस कार्रवाई नहीं करती।

इनकी रही मौजूदगी

बैठक में मानकी मुंडा संघ अध्यक्ष गणेश पाट पिंगुवा, कोल्हान आदिवासी युवा शक्ति के प्रकाश पूर्ति, पांडुकी गांव के प्रदीप बिरुवा, मुखिया संघ अध्यक्ष हरिन सिंकु, महेंद्र पुरती , मनीष बिरुवा , माधव चंद्र कुंकल , रितूश तामसोय , गोविंद बिरुवा , गोपी लागूरी , जय प्रकाश मुखिया, गब्बर सिंह हेंब्रम , रमेश बलमूचू, लंकेश्वर तामसोय, साधु हो,मथुरा चांपिया,बासुदेव सिंकू,हरीश बोदरा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

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