
Ranchi : JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों और सरकार के बीच सोमवार को होने वाली चौथे दौर की वार्ता तय समय पर शुरू नहीं हो सकी। सरकार ने छात्र प्रतिनिधिमंडल को दोपहर दो बजे राजकीय अतिथिशाला में बातचीत के लिए बुलाया था, लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी बैठक शुरू नहीं हुई।
जिला प्रशासन की ओर से छात्र प्रतिनिधिमंडल को ले जाने के लिए वाहन भेजा गया था। 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल वाहन में सवार भी हो गया, लेकिन गाड़ी के रवाना होते ही उसे रोक दिया गया। छात्रों को वाहन से उतारकर कुछ अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए फिलहाल इंतजार करने को कहा गया।
इसके बाद छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्य जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में इंतजार करते रहे। JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच के छात्र नेता राधे कुमार ने बताया कि सरकार की ओर से वार्ता शुरू होने या आगे की प्रक्रिया के संबंध में आधिकारिक सूचना मिलते ही मीडिया को जानकारी दी जाएगी। छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार के साथ स्पष्ट और सार्थक बातचीत के लिए तैयार हैं।
10 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल
छात्रों की ओर से वार्ता के लिए 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल तय किया गया है। इसमें रविंद्र पासवान, पीयूष कुमार सिंह, रविंद्र कुमार रवि, कार्तिक सोरेन, राजेश प्रसाद, उमेश प्रसाद, शशांक कुमार, अंकित कुमार, आनंद कुमार और शालू कुमारी शामिल हैं।
तीन दौर की बातचीत के बाद भी नहीं निकला समाधान
छात्रों और सरकार के बीच इससे पहले तीन दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने, CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसे मुद्दों पर अब तक सहमति नहीं बन पाई है। छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ पूरी व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जाना जरूरी है। वहीं, सरकार की ओर से कुछ मामलों में CID जांच और न्यायिक निगरानी सहित उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है। इन्हीं मुद्दों को लेकर दोनों पक्षों के बीच लगातार गतिरोध बना हुआ है।
सरकार की ओर से चार मंत्री करेंगे बातचीत
चौथे दौर की प्रस्तावित वार्ता में सरकार की ओर से मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा छात्रों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने वाले हैं। बैठक में छात्रों की ओर से अपनी मांगों और परीक्षा संबंधी शिकायतों को विस्तार से रखा जाना है।
इन मुद्दों पर हो सकता है सबसे ज्यादा विवाद
वार्ता में JPSC और JSSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच, संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने, CBI जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। छात्र लगातार भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार की ओर से जांच एजेंसियों के माध्यम से कार्रवाई किए जाने की बात कही जाती रही है। ऐसे में जांच की प्रकृति और परीक्षाओं को लेकर छात्रों की मांग पर सहमति बनाना सरकार के लिए बड़ी चुनौती हो सकती है।
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान
चौथे दौर की वार्ता ऐसे समय हो रही है जब आंदोलनकारी छात्रों ने 18 अगस्त तक सरकार से अपनी मांगों पर स्पष्ट निर्णय की उम्मीद जताई है। छात्रों ने इसके बाद 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है। यदि चौथे दौर की बातचीत में सरकार और छात्रों के बीच किसी ठोस समाधान पर सहमति बनती है, तो आंदोलन को लेकर स्थिति बदल सकती है। वहीं, वार्ता बेनतीजा रहने की स्थिति में 20 अगस्त का मुख्यमंत्री आवास घेराव आंदोलन का अगला बड़ा पड़ाव बन सकता है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि तीन दौर की बातचीत के बाद चौथे दौर में सरकार और छात्रों के बीच सहमति बनती है या नहीं। फिलहाल तय समय बीतने के बावजूद बैठक शुरू नहीं होने से छात्रों का इंतजार जारी है।

