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vehicle portal : वाहन पोर्टल पर 31,450 मामले लंबित, परिवहन सचिव ने जताई नाराजगी; अगस्त के अंत तक निपटाने का निर्देश

by Nikhil Kumar
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रांची : झारखंड के जिला परिवहन कार्यालयों में वाहनों से संबंधित ऑनलाइन आवेदनों के निपटारे में देरी को लेकर परिवहन विभाग के सचिव राजीव रंजन ने गंभीर नाराजगी जताई है। विभागीय समीक्षा के दौरान वाहन पोर्टल पर कुल 31,450 आवेदन और प्रकरण लंबित पाए गए। जिनमें लगभग 11000 मामले एक माह से अधिक अवधि से लंबित हैं। सचिव ने सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को लंबित मामलों की नियमित निगरानी करते हुए अगस्त 2026 के अंत तक सभी लंबित मामलों का निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

वाहन पोर्टल पर किस तरह के मामले

वाहन पोर्टल पर लंबित प्रकरणों में सामान्य तौर पर वाहन पंजीकरण, वाहन के स्वामित्व का हस्तांतरण, पते में बदलाव, अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी), वाहन के अभिलेखों में संशोधन तथा अन्य वाहन संबंधी ऑनलाइन आवेदनों के निपटारे से जुड़े मामले हो सकते हैं। इन आवेदनों में दस्तावेजों की जांच, सत्यापन या जिला परिवहन कार्यालय से स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर मामले लंबित रहते हैं। हालांकि विभागीय समीक्षा में 31,450 लंबित मामलों का उल्लेख है, लेकिन उपलब्ध विवरण में इनकी सेवा-वार संख्या अलग से नहीं दी गई है।

समीक्षा में सबसे अधिक लंबित मामले रांची में पाए गए

रांची जिला परिवहन कार्यालय में कुल 11,596 मामले लंबित हैं। इसके बाद हजारीबाग में 3,460, गुमला में 1,994, देवघर में 1,687, धनबाद में 1,314, गिरिडीह में 1,096 और पाकुड़ में 1,064 मामले लंबित हैं।

विभागीय समीक्षा के दौरान लंबित मामलों की स्थिति सामने आने पर परिवहन सचिव ने असंतोष जताया। सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वाहन पोर्टल पर लंबित मामलों की नियमित निगरानी करें और निर्धारित समय सीमा में उनका निष्पादन सुनिश्चित करें। बिना पर्याप्त कारण किसी आवेदन को लंबित नहीं रखने की हिदायत भी दी गई है।

छह माह से पुराने मामलों की अलग से पहचान

विभाग ने वाहन पोर्टल पर छह माह से अधिक समय से लंबित आवेदनों की अलग से पहचान करने का निर्देश दिया है। ऐसे प्रत्येक मामले की समीक्षा कर नियमानुसार उसका निपटारा किया जाएगा। पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर समाप्त करने को कहा गया है। इस संबंध में सभी जिला परिवहन पदाधिकारियों को 15 दिनों के भीतर अनुपालन प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

रांची में सबसे अधिक लंबित

जिला वार आंकड़ों के अनुसार रांची में 11,596 मामले लंबित हैं। हजारीबाग में 3,460, गुमला में 1,994, देवघर में 1,687 और धनबाद में 1,314 मामले लंबित हैं। वहीं सबसे कम लंबित मामले खूंटी में 77, गोड्डा में 142 और सिमडेगा में 144 हैं।

जिलेवार वाहन पोर्टल पर लंबित मामले

जिला : कुल लंबित मामले

रांची : 11,596, हजारीबाग : 3,460, पलामू : 997, दुमका : 860, पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) : 940, पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) : 628, गुमला : 1,994, लोहरदगा : 517, बोकारो : 869, धनबाद : 1,314, गिरिडीह : 1,096, कोडरमा : 901, चतरा : 519, गढ़वा : 224, देवघर : 1,687, पाकुड़ : 1,064, गोड्डा : 142, साहिबगंज : 404, लातेहार : 437, सिमडेगा : 144, जामताड़ा : 690, सरायकेला-खरसावां : 245, खूंटी : 77, रामगढ़ : 645 – कुल : 31,450

सबसे अधिक मामले रांची में, सबसे कम खूंटी में

वाहन पोर्टल पर लंबित मामलों में रांची की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। अकेले रांची में 11,596 मामले लंबित हैं, जबकि खूंटी में सबसे कम 77 मामले लंबित पाए गए।

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