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Ranchi Pahari Mandir : हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा रांची पहाड़ी मंदिर, अरघा से शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक

सावन की चौथी और अंतिम सोमवारी के विशेष धार्मिक महत्व के कारण भक्तों की संख्या अधिक रही। सुबह से ही मंदिर की सीढ़ियों और दर्शन मार्गों पर आस्था का सैलाब दिखाई दिया

by Rakesh Pandey
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रांची : सावन माह की चौथी और अंतिम सोमवारी पर राजधानी रांची का ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर शिवभक्ति में डूब गया। तड़के से ही हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र गूंज उठा। दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। अंतिम सोमवारी के विशेष धार्मिक महत्व के कारण सुबह से ही पहाड़ी मंदिर की सीढ़ियों और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।

मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए सोमवार सुबह करीब 3:30 बजे मंदिर के कपाट खोल दिए। कपाट खुलते ही पहले से मौजूद श्रद्धालु अनुशासित तरीके से दर्शन और जलाभिषेक के लिए आगे बढ़ने लगे। हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, दूध और अन्य पूजन सामग्री लेकर भक्त बाबा भोलेनाथ की आराधना करते नजर आए।

अंतिम सोमवारी पर सुबह से मंदिर की सीढ़ियों पर जमा रहे शिवभक्त

सावन की अंतिम सोमवारी को लेकर रांची के पहाड़ी मंदिर में श्रद्धालुओं का उत्साह सुबह से ही दिखाई दिया। मंदिर की सीढ़ियों पर बड़ी संख्या में भक्त अपनी बारी का इंतजार करते रहे। जलाभिषेक और भगवान शिव के दर्शन के लिए दूर-दराज के इलाकों से भी श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने गंगाजल, दूध और अन्य पूजन सामग्री के साथ भगवान शिव की पूजा की। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों के बीच मंदिर परिसर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। सुबह से शुरू हुआ श्रद्धालुओं के आने का क्रम लगातार जारी रहा।

बाबा भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए अरघा की विशेष व्यवस्था

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पहाड़ी मंदिर प्रबंधन ने जलाभिषेक को सुगम बनाने के लिए विशेष व्यवस्था की। मुख्य शिवलिंग के पास अरघा की व्यवस्था की गई, जिससे श्रद्धालुओं को जल अर्पित करने में सुविधा मिली। अरघा प्रणाली के माध्यम से बड़ी संख्या में भक्त बिना रुकावट के बाबा भोलेनाथ पर जल अर्पित कर सके। व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को कतार में आगे बढ़ते हुए क्रमबद्ध तरीके से जलाभिषेक करने का अवसर मिला। मंदिर प्रबंधन ने भीड़ को नियंत्रित रखने और दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए आवश्यक इंतजाम किए।

सुरक्षा के लिए एक हजार से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवान तैनात

सावन की अंतिम सोमवारी पर रांची पहाड़ी मंदिर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की ओर से मंदिर परिसर, मुख्य प्रवेश द्वारों तथा आसपास के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में एक हजार से अधिक अतिरिक्त पुलिस जवानों की तैनाती की गई। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार निगरानी करते रहे। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से मंदिर परिसर, आसपास के इलाकों और प्रमुख मार्गों की स्थिति पर नजर रखी गई। पुलिस और प्रशासन ने मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए। भीड़भाड़ वाले मार्गों और मंदिर के आसपास अतिरिक्त निगरानी रखी गई।

आपात स्थिति से निपटने के लिए एम्बुलेंस और चिकित्सा दल भी तैनात

श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा व्यवस्था भी की गई। मंदिर परिसर और आसपास एम्बुलेंस तथा त्वरित चिकित्सा दल को तैनात रखा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासनिक स्तर पर सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य और यातायात व्यवस्था की लगातार निगरानी की गई। अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

अंतिम सोमवारी पर पहाड़ी मंदिर में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या

पूरे सावन माह में प्रत्येक सोमवारी पर रांची के पहाड़ी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुंचे। चौथी और अंतिम सोमवारी को विशेष धार्मिक महत्व के कारण भक्तों की संख्या अधिक रही। सुबह से ही मंदिर की सीढ़ियों और दर्शन मार्गों पर आस्था का सैलाब दिखाई दिया। अंतिम सोमवारी पर रांची पहाड़ी मंदिर में जलाभिषेक, पूजा-अर्चना और भगवान शिव के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ के बीच मंदिर प्रबंधन और प्रशासन की व्यवस्थाएं लगातार जारी रहीं। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से दिनभर पहाड़ी मंदिर और आसपास का क्षेत्र शिवमय बना रहा।

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